
ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल प्रोनोग्राफी पर शिकंजा कसने के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 'ऑपरेशन मेघ-चक्र' शुरू किया है, जिसके तहत ऐसे कामों में लिप्त लोगों को पकड़ने, उन पर कार्रवाई करने व सबूत जुटाने के लिए CBI छापेमारी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी CBI देश के 20 राज्यों में 56 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार CBI ने कई ऐसे ग्रुप को चिन्हित किया है, जो 'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' फैलाने के साथ बच्चों को फिजिकल रूप से ब्लैकमेल भी करते हैं।
इससे छापेमारी को CBI ने 'ऑपरेशन मेघ-चक्र' नाम दिया है, जो पिछले साल नवंबर 2021 में चलाए गए 'ऑपरेशन कार्बन' का फॉलोअप है। 'ऑपरेशन कार्बन' के तहत CBI ने देशभर में 76 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
इंटरपोल ने दिया था इनपुट, जिसके बाद बड़े नेटवर्क का हुआ था पर्दाफाश
पिछले साल 'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' को लेकर इंटरपोल ने CBI को इनपुट दिया था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज में शामिल लोगों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। यह नेटवर्क पेटीएम के माध्यम से पेमेंट लेता था, जिसके बाद चाइल्ड प्रोनोग्राफी से जुड़ी सामग्रियों को बेचता था। ऑपरेशन कार्बन' के तहत CBI ने 51 सोशल मीडिया ग्रुप्स का पर्दाफाश किया था, जिसमें 5700 आरोपी शामिल थे। इन आरोपियों के पास से 5 लाख मैसेज और 10 लाख से अधिक संदिग्ध वीडियोज मिले थे।
'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' रोकने व जांच के लिए CBI की विशेष यूनिट करती है काम
इससे पहले सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' और उससे जुड़े मामलों की जांच के लिए 2019 में OCSAE (ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एण्य एक्सपॉइटेशन) नाम की विशेष यूनिट का गठन किया है, जो 'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' और बच्चों को फिजिकल रूप से ब्लैकमेल करने जैसे मामलों की जांच करती है। OCSAE 'ऑनलाइन चाइल्ड प्रोनोग्राफी' को रोकने के लिए विदेशी दूतावासों व इटरपोल के साथ मिलकर काम करती है।