Real Estate Scam: CBI ने रियल एस्टेट सेक्टर में कथित बड़े वित्तीय घोटाले के मामले में 8 राज्यों के 77 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
CBI Raids: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश के रियल एस्टेट सेक्टर में कथित बड़े वित्तीय घोटाले के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में 8 राज्यों के 77 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के बीच संदिग्ध गठजोड़ और होमबायर्स के फंड में कथित हेरफेर के मामले में की गई है।
यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी से जुड़ा हुआ है। शीर्ष अदालत ने 29 अप्रैल 2025 को CBI को निर्देश दिया था कि वह एनसीआर समेत अन्य क्षेत्रों में बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू करे। इसके बाद एजेंसी ने कुल 22 नए मामले दर्ज किए, जबकि पहले से दर्ज मामलों को मिलाकर यह संख्या लगातार बढ़ती गई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में अतिरिक्त 6 और मामलों को दर्ज करने का आदेश दिया, खासकर उन मामलों में जहां बैंकों और बिल्डरों के बीच कथित मिलीभगत सामने आई थी।
CBI की यह बड़ी कार्रवाई देश के कई प्रमुख शहरों में की गई, जिनमें दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, पुदुचेरी और अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।
जांच एजेंसी का मानना है कि कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के बीच एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसके जरिए होमबायर्स की पूंजी का गलत इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि घर खरीदारों से ली गई राशि का गलत दिशा में उपयोग हुआ, प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं किए गए, कई खरीदारों को अब तक कब्जा (possession) नहीं मिला, जबकि वे EMI और किस्तों का भुगतान लगातार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह जांच कई प्रमुख शहरों के प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है, जिनमें दिल्ली-एनसीआर, मोहाली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, प्रयागराज शामिल है।
CBI ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अब तक लगभग 50 मामलों में एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 28 मामले पहले दर्ज किए गए थे, जबकि हाल ही में 22 नए मामलों को शामिल किया गया है।
देश में लंबे समय से बिल्डरों की मनमानी, देरी से प्रोजेक्ट्स और होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी के चलते सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) जैसे कानून लागू किए, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके। हालांकि, इस ताजा CBI कार्रवाई से यह साफ है कि रियल एस्टेट सेक्टर में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर अब उच्चतम स्तर पर सख्त निगरानी जारी है।