CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को सीबीएसई 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। लाखों छात्र-छात्राओं ने इस रिजल्ट का इंतजार किया था। बोर्ड ने रिजल्ट को समय से पहले जारी करने का फैसला लिया है ताकि छात्र दूसरी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दे सकें। कहां […]
CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को सीबीएसई 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। लाखों छात्र-छात्राओं ने इस रिजल्ट का इंतजार किया था। बोर्ड ने रिजल्ट को समय से पहले जारी करने का फैसला लिया है ताकि छात्र दूसरी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दे सकें।
छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in, results.cbse.nic.in और digilocker.gov.in पर जाकर आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप के माध्यम से भी रिजल्ट चेक करने की सुविधा उपलब्ध है। जिन विद्यार्थियों का APAAR ID पहले से CBSE रिकॉर्ड से लिंक है, वे Digilocker के Issued Documents सेक्शन में जाकर आधार नंबर से लॉगिन कर अपना डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। जिनके पास APAAR ID नहीं है, उन्हें Digilocker पर अकाउंट बनाना होगा।
— सबसे पहले सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in पर जाएं।
— होमपेज पर Class X Results 2026 Announced लिंक पर क्लिक करें।
— इसके बाद छात्र अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर या एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें।
— अब आपके सामने सीबीएसई बोर्ड 10वीं का रिजल्ट स्क्रीन पर नजर आएगा।
— इसके बाद अपना रिजल्ट चेक कर ले और प्रिंट निकालकर रख ले।
सीबीएसई कक्षा 10 के परिणाम उमंग और डिजिलॉकर मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि शाम 7 बजे के आसपास एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि प्रेस विज्ञप्ति में कक्षा 10 के छात्रों के उत्तीर्ण प्रतिशत और अन्य ऐसे विवरण भी शामिल होंगे।
CBSE की 10वीं परीक्षा के लिए इस साल कुल 25,08,319 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 14,08,546 लड़के और 10,99,773 लड़कियां थी। इसके अलावा 83 विषयों के लिए कुल 8,075 एग्जाम सेंटर पर परीक्षा आयोजित की गई थी।
सीबीएसई बोर्ड की क्लास 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी जो 11 मार्च 2026 को समप्त हुई थी। परीक्षा में पास होने के लिए छात्र को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक-दो अंक से पीछे रह जाता है तो बोर्ड की ओर से ग्रेस अंक भी दिए जा सकते हैं।