CBSE 2026-27 Changes: अब नर्सरी से लेकर 8वीं तक के बच्चों के लिए बोर्ड ने होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और अभिभावकों के लिए विशेष पेरेंटिंग कैलेंडर का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।
CBSE New Education Policy Assessment: सीबीएसई सत्र 2026-27 से अंकों के आधार पर होने वाले मूल्यांकन प्रणाली को खत्म करने जा रही है। अब नर्सरी से लेकर 8वीं तक के बच्चों के लिए बोर्ड ने होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और अभिभावकों के लिए विशेष पेरेंटिंग कैलेंडर का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। इसमें बच्चे का केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि उसके व्यवहार, हुनर और मानसिक विकास का पूरा लेखा-जोखा होगा। फिलहाल इसे नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों पर लागू किया जा रहा है। अगले चरण में नौवीं से 12 वीं कक्षा से इसे शुरू किया जाएगा। सीबीएसई ने इस संबंध में स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
बदलाव से तालमेल : कोपिंग विद चेंजेस सेक्शन के जरिए पेरेंट्स को सिखाया जाएगा कि वे बदलते सिलेबस और नई उम्मीदों के बीच बच्चे को मानसिक सहारा कैसे दें।
समानता का पाठ : इन्क्लूजन सेक्शन के जरिए बच्चों में संवेदनशीलता और सबको साथ लेकर चलने की भावना विकसित की जाएगी।
खास वर्कशॉप- स्कूल अब माता-पिता के लिए उनकी उम्र और जरूरत के हिसाब से खास ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार करेंगे।
एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल मंजू शर्मा का कहना है कि सीबीएसई का यह कदम बच्चों को नंबर मशीन बनने से बचाएगा। जब मूल्यांकन का तरीका बदलेगा, तभी रटने की परंपरा खत्म होगी और बच्चे अपनी रुचि के हिसाब से आगे बढ़ सकेंगे।