CBSE: ओपन बुक परीक्षा (Open Book exam) का उद्देश्य परीक्षा के नियमित तरीके से हटकर छात्रों के उच्च-स्तरीय सोच कौशल का परीक्षण करना है। छात्रों के विरोध के बावजूद COVID-19 के दौरान, दिल्ली विश्वविद्यालय ने ओपन-बुक परीक्षा शुरू की थी। छात्रों को न्यूनतम संपर्क सुनिश्चित करने के लिए अपनी उत्तर पुस्तिकाएं, गैजेट, अध्ययन सामग्री और सैनिटाइज़र लाने के लिए कहा था।
CBSE: नवीनतम राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) की सिफारिशों के अनुरूप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए ओपन बुक परीक्षा (OBE) पर विचार करने का प्रस्ताव दिया है। जानकारी के अनुसार, सीबीएसई (CBSE) ने इस साल के अंत में कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी (English), गणित (Mathematics) और विज्ञान (Science) और कक्षा 11 और 12 के लिए अंग्रेजी (English), गणित (Mathematics) और जीवविज्ञान (Biology) के लिए चयनित स्कूलों में ओपन-बुक टेस्ट (OBE) का एक पायलट चलाने का सुझाव दिया है। यह हितधारक की प्रतिक्रिया और छात्रों द्वारा ऐसे परीक्षणों को पूरा करने में लगने वाले समय को जानने के लिए प्रस्तावित किया गया था।
COVID-19 के दौरान भी कराई थी ओपन-बुक परीक्षा
सीबीएसई ने 2014-15 से 2016-17 तक तीन वर्षों के लिए कक्षा 9 और 11 की परीक्षाओं के लिए ओपन टेक्स्ट आधारित मूल्यांकन (OTBA) का प्रयोग किया था। उस समय छात्रों और शिक्षाविदों से नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली थीं। पायलट प्रोजेक्ट इस साल नवंबर-दिसंबर में आयोजित करने का प्रस्ताव है। सीबीएसई इस पर निर्णय लेगा कि कक्षा 9 से 12 तक के सभी स्कूलों में मूल्यांकन के इस रूप को अपनाया जाना चाहिए या नहीं। सीबीएसई (CBSE) ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से परामर्श करने का भी फैसला किया है। छात्रों के विरोध के बावजूद COVID-19 के दौरान, दिल्ली विश्वविद्यालय ने ओपन-बुक परीक्षा शुरू की थी। छात्रों को न्यूनतम संपर्क सुनिश्चित करने के लिए अपनी उत्तर पुस्तिकाएं, गैजेट, अध्ययन सामग्री और सैनिटाइज़र लाने के लिए कहा था।
ओपन बुक परीक्षा क्या है?
ओपन बुक परीक्षा (Open Book exam) का उद्देश्य परीक्षा के नियमित तरीके से हटकर छात्रों के उच्च-स्तरीय सोच कौशल का परीक्षण करना है। सीबीएसई (CBSE) की ओर से ओपन टेक्स्ट आधारित मूल्यांकन (OTBA) के तहत छात्रों को चार महीने पहले पाठ्य सामग्री प्रदान की गई थी। ये पाठ्य सामग्री उन्हें परीक्षा के दौरान केस स्टडीज के लिए ले जाने की अनुमति दी गई थी। ओपन बुक परीक्षा में छात्रों को प्रश्नों का उत्तर देते समय अपने नोट्स या पाठ्यपुस्तकों को देखने की अनुमति होती है। यह छात्रों को गंभीर रूप से सोचने और परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए रटने की पद्धति से दूर जाने पर जोर देता है।