
दिलीप घोष का TMC पर वार (ANI)
UCC in West Bengal: पश्चिम बंगाल की शुभेन्दु सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर तत्पर दिख रही है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में यूसीसी लागू होना तय है और इसका ड्राफ्ट आदिवासी समुदाय की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने राज्य में उद्योग-धंधों, टीएमसी और 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली पर भी अपनी बात रखी।
खड़गपुर सीट से विधायक व मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि समान नागरिक संहिता कानून लागू होना केवल समय की बात है। इसे बहुत जल्द अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर आदिवासी समुदाय के लिए अलग कानून प्रचलित हैं, इसलिए बिल का मसौदा इसी पहलू को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। जो भी आवश्यक होगा, उसी के अनुरूप प्रावधान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बहुत से लोग निवेश के लिए आ रहे हैं। कई इंडस्ट्रियां आने वाले सालों में लगने वाली है। हम निवेश को आसाना बनाने पर काम कर रहे हैं। दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में उद्योग लगाने वालों को बिना देरी के परमिशन दी जाएगी, ताकि बिना देरी के काम शुरू हो सके।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल से सब कुछ लंबित है। जमीन पड़ी हुई है। जो काम करने के लिए आएगा, सरकार उसके लिए हर तरह की व्यवस्था करेगी, ताकि जल्दी से उद्योग शुरू हो सके। दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बहुत सारी इंडस्ट्री काफी समय से यहां प्रयास कर रही थीं, लेकिन पिछली सरकार में उन्हें रोका गया था।
शुभेन्दु सरकार में उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। यदि टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम शुभेन्दु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे।
टीएमसी को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में हर रोज नया ड्रामा दिखाई देता है। जनता ने टीएमसी को विपक्ष में बिठाया है। अब वह बराबर से जिम्मेदारी निभाए। 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' रैली पर दिलीप घोष ने कहा कि 21 जुलाई को जो शहीद दिवस होता है, वह मूल रूप से कांग्रेस का दिन है लेकिन ममता बनर्जी ने इसे 'हाइजैक' किया था। कई लोगों ने इस दिन बलिदान दिया था। हम सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। ये दिन सभी के लिए है लेकिन किसी पार्टी का इस पर एकल कब्जा कर लेना ठीक नहीं है।
Updated on:
12 Jul 2026, 9:59 AM IST
Published on:
12 Jul 2026, 9:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.