26 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘ICU में है शिक्षा व्यवस्था, इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान’, पेपर लीक पर भड़के कन्हैया कुमार ने केंद्र के सामने रखीं 3 मांगें

Chhatron ki goonj: रांची पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक की जांच और राष्ट्रीय एकेडमिक कैलेंडर लागू करने की माँग की।
2 min read
Google source verification
Kanhaiya Kumar

कन्हैया कुमार (IANS PHOTO)

Kanhaiya Kumar congress: कन्हैया कुमार ने कांग्रेस पार्टी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत केंद्र सरकार पर हमला बोला है। रांची में आयोजित एक मैराथन के दौरान कन्हैया कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को ICU में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से छात्रों और अभिभावकों के साथ संवाद कर जिस मुहिम की नींव रखी थी, वह अब एक देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुकी है।

कन्हैया कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत, कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और NSUI देश के 28 बड़े शहरों में छात्रों की शिकायतें सुन रही है और सीधे संसद तक पहुंचाने का काम कर रही है। इस दौरान कन्हैया कुमार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित पेपर लीक मामलों की जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए देशभर में एक समान अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इसी अभियान के तहत रांची में स्थानीय छात्रों और युवाओं के लिए एक मैराथन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली गतिविधियों की श्रृंखला का हिस्सा है। हमारा उद्देश्य इस गूंज को एक बुलंद आवाज़ में बदलना है, ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

क्या है छात्रों की गूंज अभियान

बता दें कि छात्रों की गूंज अभियान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और इसके छात्र संगठन NSUI द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी 40 दिवसीय अभियान है। इसका शुभारंभ जून 2026 में राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा से किया गया। 

दरअसल, कांग्रेस और NSUI का इस अभियान को चलाने का उद्देश्य परीक्षा पेपर लीक, परीक्षाएं रद्द होना, रिजल्ट में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में अड़चन और NTA (National Testing Agency) की नाकामी जैसी समस्याओं से पीड़ित छात्रों और युवाओं की आवाज़ को बुलंद करने है। कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक माफिया की जांच की मांग कर रही है। 

यह अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में चलेगी। जिसमें कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों तक पहुंच बनाई जाएगी। इसमें पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभाएं, छात्र संपर्क, कैंपस कार्यक्रम और अंबेडकर संवाद जैसे आयोजन शामिल हैं।