
प्रतीकात्मक तस्वीर
US-Iran Conflict: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे और अंतिम संस्कार की रस्म पूरी होते ही तेहरान भी एक बार फिर एक्शन मोड में आ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान को निशाना बनाए जाने के बाद अब तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर और यूएई स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। वे ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन का प्रभावी ढंग से सामना कर रहे हैं। UAE के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि देशभर में सुनाई दे रहे धमाकों की आवाजें उसके एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की कार्रवाई की हैं।
वहीं, कतर के गृह मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा को लेकर खतरा काफी अधिक है। सभी नागरिकों से अपने घरों के भीतर या किसी सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। साथ ही, मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
उधर, ईरान के हमलों को देखते हुए बहरीन ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके तहत बहरीन के गृह मंत्रालय ने सायरन सक्रिय कर दिए हैं। साथ ही, नागरिकों से शांति बनाए रखने और अपने निकटतम सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील की है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन पर भी हमला करने का दावा किया है। IRGC के अनुसार, उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा MQ-9 ड्रोन हैंगरों को नष्ट कर दिया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, जॉर्डन के अधिकारियों ने भी इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान पर एयर स्ट्राइक की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के परमाणु शहर बुशहर के अलावा असालुयेह, बंदर-ए-देयर, जास्क और चाबहार को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने भी इन धमाकों की पुष्टि की है। हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के सलाहकार अली सफारी ने कहा था कि अमेरिका को इन हमलों का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक विदेशी दखल जारी रहेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा।
Updated on:
12 Jul 2026 09:41 am
Published on:
12 Jul 2026 08:57 am
