12 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Amarnath Yatra: अब सिर्फ 5 किमी पदयात्रा में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन! जोजिला टनल पूरी होने के बाद खुल सकता है तीसरा मार्ग

Amarnath Yatra 2026 : श्रीनगर-लेह मार्ग पर बन रही जोजिला टनल का काम पूरा होने के बाद सरकार अमरनाथ यात्रा का यह तीसरा मार्ग खोलने पर विचार कर रही है। जानकार सूत्रों के अनुसार लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने इस प्रस्ताव की व्यवाहर्यता (फिजिबिलिटी) पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

kamlesh sharma

Jul 12, 2026

Amarnath Yatra

Amarnath Yatra 2026: (Photo: IANS)

Amarnath Yatra 2026 : नई दिल्ली। यदि सरकार की योजना साकार हुई तो आने वाले समय में 14 या 34 किलोमीटर नहीं बल्कि सिर्फ पांच किलोमीटर की पदयात्रा के बाद श्रद्धालु अमरनाथ के बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। श्रीनगर-लेह मार्ग पर बन रही जोजिला टनल का काम पूरा होने के बाद सरकार अमरनाथ यात्रा का यह तीसरा मार्ग खोलने पर विचार कर रही है। जानकार सूत्रों के अनुसार लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने इस प्रस्ताव की व्यवाहर्यता (फिजिबिलिटी) पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

अमरनाथ यात्रा का तीसरा मार्ग खोलने पर जोजिला टनल पार कर मीनामर्ग तक वाहन से पहुंचा जाएगा, वहां से पांच किलोमीटर की पदयात्रा शुरू कर पवित्र गुफा तक पहुंचा जा सकेगा। नया मार्ग खुलने से हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के श्रद्धालु जांस्कर मार्ग से भी मीनामर्ग बेस कैंप तक पहुंच सकते हैं। जोजिला टनल का काम 2028 की शुरुआत तक पूरा होने का लक्ष्य है। टनल से यातायात शुरू होने से पहले सरकार नए पदयात्रा मार्ग के लिए मीनामर्ग घाटी में पार्किंग, आधार शिविर व अन्य बुनियादी सुविधाएं जुटाने का काम शुरू कर सकती है। तीसरा मार्ग खुलवाने को लेकर प्रदेश के भाजपा नेता 2018 से लगातार प्रयास कर रहे हैं।

यों होगा यात्रा रूट

मीनामर्ग तक वाहन से यात्रा
मीनामर्ग से पदयात्रा - 5 किमी
चढ़ाई: करीब 1,959 फीट

ये होगा लाभ

-कम पदयात्रा से दर्शन सुलभ
-अस्वस्थ व वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान
-खराब मौसम की बाधा अपेक्षाकृत कम
-लद्दाख के द्रास-करगिल के स्थानीय लोगों को रोजगार व आमदनी
-पर्यटन गतिविधियां, होटल, ट्रेवल, खानपान उद्योग की संभावनाएं बढ़ेंगी
-सुरक्षा का कम जोखिम

फिलहाल दो मार्गों से होती है यात्रा

वर्तमान में अमरनाथ यात्रा दो मार्गों से संचालित होती है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम मार्ग से गुफा तक करीब 34 किमी की पैदल यात्रा में 8000 फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है। मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के बालटाल के दूसरे मार्ग से करीब 14 किमी की पदयात्रा में 3000 फीट की चढ़ाई कर पवित्र गुफा तक पहुंचा जाता है। मीनामर्ग समुद्र तल से लगभग 10,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है जबकि बालटाल आधार शिविर 8,999 फीट और पहलगाम आधार शिविर 5,702 फीट की ऊंचाई पर है। ऐसे में प्रस्तावित मार्ग पर श्रद्धालुओं को मीनामर्ग से पांच किमी पदयात्रा में करीब 1,959 फीट की चढ़ाई करनी होगी।