11 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहले उतारा माँ, नानी और बहनोई को मौत के घाट, फिर शख्स ने की आत्महत्या

Triple Murder-Suicide Case: बेंगलुरु में एक ट्रिपल मर्डर-सुसाइड का मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने परिवार के तीन लोगों की जान लेने के बाद आत्महत्या कर ली।
2 min read
Google source verification
Crime scene

बेंगलुरु में ट्रिपल मर्डर-सुसाइड का मामला (Representational Photo)

बेंगलुरु (Bengaluru) के कामाक्षीपाल्या थाना क्षेत्र के कोटिगेपाल्या में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ट्रिपल मर्डर-सुसाइड (Triple Murder-Suicide) के इस मामले में एक शख्स ने पहले अपनी माँ, नानी और बहनोई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। उसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब आठ बजे की है। मृतकों की पहचान 75 वर्षीय नंजम्मा (नानी), 55 वर्षीय मंगलम्मा (माँ) और 50 वर्षीय सतीश (बहनोई) और आरोपी 34 वर्षीय प्रशांत के रूप में हुई है।

कहासुनी के बाद दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार मागडी तहसील के ब्यालकेरे के मूल निवासी यह परिवार पिछले 7-8 वर्षों से कोटिगेपाल्या में किराए के मकान में रह रहा था। प्रशांत पहले ड्राइवर का काम करता था, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से काम पर नहीं जा रहा था। उसकी माँ मंगलम्मा एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करती थी, नानी नंजम्मा सफाई का काम करती थी और बहनोई सतीश प्लंबर था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शनिवार सुबह किसी बात को लेकर प्रशांत और उसके बहनोई सतीश के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद प्रशांत ने धारदार हथियार से सतीश पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। सतीश की चीख सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची नानी नंजम्मा और माँ मंगलम्मा पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

तीनों को मारकर लगाई फांसी

घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने प्रशांत को घर से बाहर निकलने से रोकते हुए एक कमरे में बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान प्रशांत ने बंद कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया, तब प्रशांत का शव फंदे से लटका मिला।

क्या कहा प्रशांत के पिता ने?

इलाके में ही लॉन्ड्री की दुकान चलाने वाले प्रशांत के पिता चिक्कण्णा ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा कभी-कभी परिवार के सदस्यों से झगड़ा करता था, लेकिन हाल के दिनों में किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी। चिक्कण्णा ने यह भी बताया कि उसके बेटे के व्यवहार से भी इस तरह की वारदात को अंजाम देने का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता था।

कैसे बची चिक्कण्णा की जान?

चिक्कण्णा में बताया कि अगर घटना के समय वह घर पर होता तो संभव है कि प्रशांत अपने पिता पर भी हमला कर देता। वह सुबह दुकान के लिए निकल गया, इसलिए उसकी जान बच गई।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग