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INDIA Alliance Protest: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी पर BJP का पलटवार, रामचंदर राव बोले- आरोपों के सबूत कहां?

Ramchander Rao Statement: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की रणनीति पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। रामचंदर राव ने कांग्रेस से आरोपों के समर्थन में प्रमाण मांगे और विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के दावे को भी चुनौती दी।
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Updated: 28 Oct 2026, 11:34 AM IST
CEC Gyanesh Kumar Impeachment
CEC Gyanesh Kumar Impeachment: चुनाव आयोग पर आर-पार की लड़ाई के बीच भाजपा का पलटवार, कांग्रेस से मांगा जवाब (फोटो सोर्स- ANI)

CEC Gyanesh Kumar Impeachment: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA की तरफ से महाभियोग की योजना ने राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कांग्रेस और उसके साथियों पर चुनावी हार का सारा दोष चुनाव आयोग पर डालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्ष अब तक मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत सामने नहीं रख पाया है। इस बयान से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर माहौल और गर्माता दिख रहा है।

CEC Gyanesh Kumar Impeachment: भाजपा की नजर में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल

जानकारी के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का महाभियोग कार्यक्रम सामने आते ही भाजपा ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत किसी ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के पक्ष में कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया है।

रामचंदर राव का कहना है कि कांग्रेस को चुनाव में मनचाही सफलता नहीं मिली, इसलिए अब वो सीधे चुनाव आयोग पर हमला बोल रही है। उनका आरोप है कि बिना पुख्ता वजह के ऐसे बयान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

बीजेपी नेता ने ये भी जोड़ा कि मतदाता सूची से नाम हटने जैसी प्रक्रियाएं पहले कांग्रेस के वक्त में भी आम रही हैं, लेकिन अपने इस दावे के समर्थन में कोई खास मिसाल या दस्तावेज नहीं दिखाए। ऐसे में, दोनों ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच ही सच को सामने ला सकती है।

Ramchander Rao Statement: प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी राजनीति

रामचंदर राव ने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज किया कि सरकार विरोधियों को प्रदर्शन करने से रोक रही है। उनका कहना है कि विपक्षी नेता लगातार सार्वजनिक बैठकें कर पा रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर वामपंथी दलों और CPI(M) का जिक्र करते हुए कुछ नेताओं की विचारधारा को नक्सलवाद से जोड़ दिया, जो कि काफी संवेदनशील टिप्पणी है।

असल में, लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को हमेशा अहमियत मिलती है। प्रदर्शन की अनुमति मिली या नहीं, ये बात तो प्रशासनिक आदेश, रिकॉर्ड और असल घटनाओं के आधार पर ही तय हो सकती है।

चुनाव आयोग की भूमिका पर क्यों बढ़ा बवाल?

इस पूरे विवाद की जड़ है मतदाता सूचियों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)। कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को शक है कि इस प्रक्रिया में बहुत से पात्र मतदाताओं के नाम गायब किए गए हैं। वो पारदर्शिता, बदलावों की जानकारी और नाम हटने पर सही अपील प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। उधर भाजपा कहती है कि जब तक पुख्ता तथ्य सामने न हों, चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना गलत है।

ANI X पर दिए गए बयान में भी रामचंदर राव ने कांग्रेस की आपत्तियों को निराधार बताया है। दूसरी ओर, विपक्ष ने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर बार-बार सवाल उठाया है।

Updated on:
28 Oct 2026, 11:34 AM IST
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