
Indian Army Fact Check
Indian Army Fact Check: भारतीय सेना और आर्मी चीफ को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया से वीडियो वायरल किया जा रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि अरुणाचल प्रदेश सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों को अपमानित किया जा रहा है, जबकि सेना प्रमुख (COAS) एक नाइट क्लब में डांस पार्टी करते हुए दिखाया गया है। इस भ्रामक नैरेटिव के बड़े पैमाने पर फैलने के बाद भारतीय सेना की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग विंग ने पूरी सच्चाई बताई है। सेना ने कहा है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल छेड़छाड़ का उपयोग करके बनाया गया है।
भारतीय सेना द्वारा जारी फैक्ट चेक के अनुसार, वायरल वीडियो को जानबूझकर बहुत धुंधला रखा गया था ताकि असली फुटेज की पहचान न हो सके। इसके अलावा, दर्शकों के बीच भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से इस वीडियो को एडवांस AI टूल्स का उपयोग करके एडिट किया गया था। साथ ही, वीडियो में सेना प्रमुख की एक तस्वीर को जोड़ दिया गया और एक भ्रामक कैप्शन लगा दिया गया, जिसका मकसद भारतीय सेना के खिलाफ नफरत का माहौल बनाना और जनता को गुमराह करना था। सेना ने स्पष्ट किया है कि इस वीडियो का सेना प्रमुख या अरुणाचल प्रदेश में तैनात भारतीय सैनिकों से कोई लेना-देना नहीं है।
सेना की तकनीकी जांच से पता चला है कि यह कोई आम वायरल पोस्ट नहीं थी, बल्कि एक सोचे समझे इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर का हिस्सा था। पाकिस्तान से संचालित कई संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स ने 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 00:40 बजे से 08:00 बजे के बीच एक साथ इस मनगढ़ंत सामग्री को फैलाना शुरू कर दिया। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से ऐसे 10 प्रमुख सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की गई है।
भारतीय सेना की फैक्ट चेक टीम ने आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी ऐसे असत्यापित वीडियो या दावे पर विश्वास न करें, जिसे भारतीय सेना की छवि खराब करने के इरादे से फैलाया गया हो। साथ ही किसी भी ऐसी सामग्री को शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
Updated on:
28 Oct 2026, 11:02 AM IST
Published on:
28 Oct 2026, 11:02 AM IST
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