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तमिलनाडु की सभी जेलों में तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड, थेनी जेल ब्रेक के बाद विजय सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Theni jailbreak: थेनी जेल से 17 कैदियों के फरार होने के बाद तमिलनाडु की सभी जेलों में बुधवार से हथियारबंद गार्ड तैनात होंगे। जानिए क्या हुई चूक और क्या बदलेगा।
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भारत

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Pushpankar Piyush

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Updated: 28 Oct 2026, 10:24 AM IST

CM Vijay

तमिलनाडु सीएम विजय (Photo-ANI)

Armed guards in Tamil Nadu prisons: तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के फरार होने के बाद तमिलनाडु की सभी सेंट्रल और जिला जेलों में बुधवार से हथियारबंद गार्ड तैनात किए जाएंगे। जेल और सुधार सेवा के पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर ने यह जानकारी दी। यह तैनाती सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसकी घोषणा सोमवार रात हुए जेल ब्रेक के बाद की गई। इस घटना ने मेडिकल इमरजेंसी को संभालने में हुई चूक को उजागर कर दिया। जेल अधिकारी अब सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं और एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहे हैं।

वॉचटावर पर तैनात होंगे जवान, भागने वालों को देखते ही गोली मारने का निर्देश

संदीप राय राठौर ने कहा कि वॉचटावर पर हथियारबंद जवान तैनात होंगे, जिन्हें भागने की कोशिश करने वाले को देखते ही गोली मारने का निर्देश दिया जाएगा। अभी तक राज्य की ज्यादातर जेलों में वॉचटावर पर तैनात गार्ड हथियार नहीं रखते हैं। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि सभी जेलों में अलार्म सिस्टम ठीक से काम करें। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने और नई संचालन प्रक्रिया लागू होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।

गेट को सुरक्षित करने की तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ

थेनी जेल में हुई सुरक्षा चूक को स्वीकार करते हुए संदीप राय राठौर ने कहा कि जेल स्टाफ ने नेक नीयत से काम किया था, जब उन्हें एक कैदी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। हालांकि, गेट को सुरक्षित करने की तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। स्टाफ ने तीन गेट खोले और स्वास्थ्य समस्या की सूचना पर अंदर भागे। इस दौरान उन्होंने अंदर से गेट लॉक नहीं किए, जिससे रास्ता असुरक्षित रह गया।

एक अधिकारी ने गेट को सुरक्षित न करने को प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन बताया। कैदियों ने इसी मौके का फायदा उठाया, गार्डों पर हमला किया और फरार हो गए। इस पूरे मामले में इमरजेंसी अलर्ट को संभालने के तरीके और गेट को दोबारा लॉक न करने की विफलता को सुरक्षा चूक के केंद्र में रखा गया है। हालांकि स्टाफ को लगा कि वे एक वास्तविक स्वास्थ्य समस्या पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन उनके हस्तक्षेप के दौरान गेट असुरक्षित रहे। विभाग द्वारा घोषित उपायों में सभी सेंट्रल और जिला जेलों में हथियारबंद निगरानी और अलार्म सिस्टम की तैयारी शामिल है। वॉचटावर पर हथियारबंद तैनाती मौजूदा व्यवस्था से अलग होगी, जहां ज्यादातर जेलों में जवान बिना बंदूक के ड्यूटी करते हैं। हथियारबंद तैनाती बुधवार से शुरू होगी, जबकि अन्य बदलाव सुरक्षा ऑडिट और संशोधित प्रक्रियाओं के नतीजों पर निर्भर करेंगे। संदीप राय राठौर ने कहा कि समीक्षा के दोनों चरण पूरे होने के बाद अतिरिक्त उपाय लागू किए जाएंगे।

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