केंद्र सरकार ने AI को बढ़ावा देने, जन उपयोग और नियंत्रण के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया है। यह कमेंटी कई जरूरी जिम्मेदारियां संभालेगी।
केंद्र सरकार ने देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) क्षेत्र में नीति-निर्माण, समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक शक्तिशाली समिति 'AI Governance and Economics Group' का गठन किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह ग्रुप भारत की राष्ट्रीय AI गवर्नेंस रणनीति का केंद्रीय संस्थागत तंत्र बनेगा।
AI को बढ़ावा देने, जन उपयोग और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी 'AIGEG' के अध्यक्ष IT, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव होंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को इस समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति के सदस्यों में देश के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार, मुख्य आर्थिक सलाहकार, नीति आयोग के CEO तथा आर्थिक मामलों, दूरसंचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सचिव शामिल होंगे। इस समिति में कुल 10 सदस्य होंगे, जो AI नीतियों का समन्वय करेगें।
AIGEG समिति के गठन की सिफारिश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में की गई थी। इस सर्वेक्षण में AI को भारत की श्रम-आधारित अर्थव्यवस्था, सामाजिक स्थिरता और रोजगार वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने के लिए एक समन्वय प्राधिकरण की जरूरत पर जोर दिया था। इसमें AI को 'मानव कल्याण और आर्थिक समावेशन' के अधीन रखने, श्रम-बाजार प्रभाव मूल्यांकन और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है।