
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council / EAC-PM) का हाल ही में पुनर्गठन किया गया। इस पुनर्गठन के तहत बने नए आर्थिक सलाहकार परिषद को 2 साल की मंज़ूरी दी गई है। इस पुनर्गठन में बिबेक देबराय को आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद पर बनाए रखा गया है।
आर्थिक सलाहकार परिषद का उद्देश्य
आर्थिक सलाहकार परिषद केंद्र सरकार द्वारा गठित ऐसा स्वतन्त्र परिषद होता है जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री को आर्थिक मुद्दों [पर सलाह देना होता है। इसके साथ ही यह परिषद प्रधानमंत्री को विभिन्न आर्थिक फैसलों और नीतियों के लिए सुझाव देने का कार्य भी करता है।
आर्थिक सलाहकार परिषद में किए गए बदलाव
27 अक्टूबर को केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी नॉटिफिकेशन में आर्थिक सलाहकार परिषद में किए गए बदलाव की जानकारी दी गई। इस बदलाव को 2 साल की मंज़ूरी दी गई है। आर्थिक सलाहकार परिषद के पुनर्गठन के बाद जहां बिबेक देबराय को को अध्यक्ष बनाए रखा है, वहीं वी. अनंत नागेश्वरन को इससे हटाया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) की डायरेक्टर जनरल पूनम गुप्ता और आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर टीटी राम मोहन को इसमें शामिल किया गया है। परिषद के अन्य सदस्यों में साजिद चिनाय, नीलकंठ मिश्रा और निलेश शाह पहले से शामिल हैं।