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अब नहीं चलेगी जमाखोरी! चावल-धान पर केंद्र सख्त, बाजार में उतरेगा 50 लाख टन सरकारी चावल

केंद्र सरकार ने चावल और धान के स्टॉक पर निगरानी बढ़ाई है। दक्षिण के 5 राज्यों में स्टॉक सीमा की अनुमति, NAFED-NCCF-केंद्रीय भंडार को अधिक चावल आवंटन और FCI की 50 लाख टन ई-नीलामी की पूरी खबर पढ़ें।
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Updated: 6 Nov 2026, 6:50 PM IST
central government rice stock
चावल की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र का मास्टर प्लान, FCI बेचेगा दोगुना स्टॉक, Photo- ChatgPT

Rice Stock Monitoring: केंद्र सरकार ने बाजार में चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए चावल और धान (Paddy and Rice) के स्टॉक की निगरानी बढ़ा दी है। इस नए निर्देश के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों (Traders/Wholesalers), खुदरा विक्रेताओं (Retailers), बड़े चेन रिटेलर्स और मिल मालिकों (Millers) को हर शुक्रवार को सरकार के निर्धारित पोर्टल पर अपने पास मौजूद स्टॉक की स्थिति को अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा।

केंद्र ने दक्षिण के पांच राज्यों को धान और चावल पर स्टॉक सीमा लागू करने की अनुमति दी। घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र ने NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार को और अधिक चावल आवंटित किया। FCI ई-नीलामी के जरिए थोक खरीदारों को 50 लाख टन चावल बेचेगा, जो पहले की मात्रा से दोगुना है।

व्यापारियों को विशेष निर्देश जारी

सभी संबंधित पक्षों को बासमती और गैर-बासमती चावल, धान तथा ब्रोकन राइस (टुकड़ा चावल) के स्टॉक की सही जानकारी हर हफ्ते घोषित करनी होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य बाजार में जमाखोरी (Hoarding) को रोकना और कीमतों में अवांछित बढ़ोतरी पर लगाम लगाना है।
यदि कोई व्यक्ति या इकाई गलत जानकारी देती है या स्टॉक छुपाती है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि स्टॉक की सही और समय पर जानकारी मिलने से बाजार की स्थिति पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जा सकेंगे।

FCI की ई-नीलामी: 50 लाख टन चावल, पहले से दोगुना

इसी क्रम में FCI ई-नीलामी के जरिए थोक खरीदारों को 50 लाख टन चावल बेचेगा, जो पहले की मात्रा से दोगुना है। सरकारी भंडार से बड़ी मात्रा में चावल बाजार में आने से आपूर्ति बढ़ने और कीमतों पर दबाव घटने की उम्मीद है।

घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र ने NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार को और अधिक चावल आवंटित किया है। इन एजेंसियों के जरिए चावल आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे बाजार में आपूर्ति बनी रहे।

निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ केंद्र ने दक्षिण के पांच राज्यों को धान और चावल पर स्टॉक सीमा लागू करने की अनुमति भी दी है। इससे संबंधित राज्य अपनी स्थानीय जरूरतों और बाजार की स्थिति के अनुसार भंडारण पर सीमा तय कर सकेंगे, ताकि कोई भी व्यापारी या इकाई जरूरत से ज्यादा माल अपने पास जमा न कर सके।

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6 Nov 2026, 6:50 PM IST
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