
Shiv Sena UBT Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय भूचाल मचा हुआ है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के संपर्क में शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद बताए जा रहे है। इस पर सांसद संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा था कि हमारे सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। अब इस पर राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने संजय राउत पर निशाना साधा है और कहा कि किसी को पैसे के आधार पर बदनाम करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सांसदों और विधायकों पर इस तरह के आरोप लगाना सही नहीं है। किसी के राजनीतिक रुख बदलने के कई कारण हो सकते हैं। केवल पैसे के आधार पर उन्हें बदनाम करना उचित नहीं है। उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि असली वजह क्या है, आखिर उनके साथ रहने वाले विधायक और सांसद उन्हें छोड़कर क्यों जा रहे हैं।
संजय राउत के बयान पर शिवसेना यूबीटी के सांसद अनिल देसाई की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि जो कुछ कहा गया, वह सामान्य बोलचाल के अपशब्द हैं, किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं कहा गया था। जब कोई भावनात्मक रूप से संवेदनशील व्यक्ति, जिसने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में 50 साल बिताए हों, अपनी बात रखता है तो ऐसी बातें निकल जाती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका इशारा किसी विशेष व्यक्ति की ओर नहीं था।
वहीं बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे की बॉडी लैंग्वेज, उनके नेताओं के बयान और संजय राउत का यह स्वीकार करना कि उनकी पार्टी टूट रही है। इन सभी बातों को जोड़कर देखें तो खुद उद्धव ठाकरे और उनके नेता कह रहे हैं कि उनके लोग पार्टी छोड़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत को यह समझना चाहिए कि जो लोग उनसे परेशान होकर पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें वे बेकार मानते हैं, लेकिन जो उनके साथ बने रहते हैं, उन्हें बहुत महत्वपूर्ण बताते हैं। यह कैसा न्याय है?
बीजेपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी में अब पिता और पुत्र (उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे) के अलावा कोई नहीं बचेगा। उनकी पार्टी लगातार बिखर रही है और यह बात वे खुद ही कह रहे हैं। लोग बार-बार उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर जा रहे हैं।