Chaudhary Charan Singh चौधरी चरण सिंह की आज जयंती है। चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन भारत में किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
चौधरी चरण सिंह की आज जयंती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चरण सिंह किसानों के हमदर्द थे। चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन भारत में किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत सरकार ने साल 2001 में चरण सिंह के जन्मदिन को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे। चौधरी चरण सिंह ने सहकारी खेती, जमींदारी का उन्मूलन, भारत की गरीबी और इसका समाधान पर कार्य किया। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चौधरी चरण सिंह को उनकी जयंती पर याद किया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने किसानों, मज़दूरों और अन्य कमज़ोर वर्गों को मज़बूत करने और लोकतंत्र को सशक्त करने में प्रभावी भूमिका निभाई। देश उनका योगदान हमेशा याद रखेगा।
भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे चौधरी चरण सिंह
किसान नेता चौ. चरण सिंह का जन्म 23 सितंबर 1920 को मेरठ जिले के नूरपुर में जाट किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने सन् 1930 में विज्ञान में स्नातक किया। उसके बाद 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की। फिर एलएलबी किया। उनकी पत्नी का नाम गायत्री देवी था। चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह चौधरी देश के एक बड़े नेता थे। चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे। वे 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक भारत के प्रधानंमंत्री रहे। केंद्र में चरण गृहमंत्री भी थे।
यूपी के दो बार सीएम रहे चौधरी चरण सिंह
चौधरी चरण सिंह ने 1937 में राजनीति में अपने हाथ आजमाए। वर्ष 1946,1952,1962,1967 में यूपी के छपरौली विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। 1951 में राज्य में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। चौधरी चरण सिंह 2 यूपी के सीएम बने थे। उनका पहला कार्यकाल 3 अप्रैल 1967—1968 तक रहा। फिर 1970 में उनको दोबारा यूपी सीएम की जिम्मेदारी दी गई।
चौधरी चरण सिंह के किए गए अहम कार्य
1. 1949 विधानसभा में कृषि उत्पादन बाजार बिल।
2. 1952 में कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया।
3. 1953 में जमींदारी प्रथा को समाप्त कर दिया।
4. 23 दिसंबर 1978 को किसान ट्रस्ट की स्थापना।