
Wheather Update: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बीती शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर रातभर जारी रहा। इस दौरान शहर में 35.8 सेंटीमीटर यानी 14 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों में जलभराव से वाहन डूब गए। शहर के कई हिस्सों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारों के अनुसार, चक्रवात मिचौंग के दौरान वर्ष 2023 में हुई बारिश के बाद यह चेन्नई में दर्ज सबसे अधिक वर्षा है। खास तौर पर उत्तर चेन्नई में कम समय के भीतर भारी बारिश होने से स्थिति बिगड़ गई। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण निचले इलाकों में पानी जमा हो गया और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
रविवार को चेन्नई के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। नुंगम्बाक्कम में 157.8 मिलीमीटर, मीनम्बाक्कम में 146.7 मिलीमीटर, एण्णोर पोर्ट में 222.5 मिलीमीटर और चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 162 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से शहर में बारिश की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारी बारिश के बीच लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुना ने लोगों से घबराने के बजाय जरूरत पड़ने पर सहायता लेने की अपील की। उन्होंने नागरिकों को मदद के लिए 1913 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी।
मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 24 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 18 से 24 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में इस सप्ताह मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। चेन्नई में भारी बारिश और जलभराव के बीच लोगों को सतर्क रहने तथा जरूरत के समय प्रशासन से सहायता लेने की सलाह दी गई है।