
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar: कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल व उनके नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हमलावर हैं। शुक्रवार को मुंबई व दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शन हुए। अब देश के पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) आगे आकर SIR में हुए गैरकानूनी काम का खुलासा करें। पी. चिदंबरम ने अपील की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देशों पर गैर कानूनी काम कराए गए। जिन्हें उजागर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने शनिवार को एक्स पर लिखा कि मृत लोगों को छोड़कर 13.30 करोड़ लोगों को मतदाता सूची से बाहर करना गंभीर अपराध है। उन्होंने लिखा कि मैं सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे अभी बोलें और उन गैरकानूनी कार्यों को उजागर करें, जो उन्हें SIR के तहत ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर करने के लिए मजबूर किया गया। बहादुर बनें और भारत के संविधान की रक्षा करें।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि अगर छूटे हुए मतदाता सिर्फ फॉर्म 6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं, तो पश्चिम बंगाल के SIR मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सुप्रीम कोर्ट को क्यों नहीं बताई गई? उन्होंने CEC पर आरोप लगाया कि 13.30 करोड़ नामों को सूची से हटाने में करोड़ों रुपये खर्च हुए, और अब "छूटे हुए" मतदाताओं को दोबारा जोड़ने में फिर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। इसका जिम्मेदार आखिर कौन है?
शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि हजारों युवा वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। शांतिपूर्ण तरीके से अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों की मांग साफ है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
राहुल ने महात्मा गांधी की अहिंसा और सत्य की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने हमें यही सिखाया है, सच बोलो और शांति से लड़ो। यही बात इस सरकार को सबसे ज्यादा डराती है। उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि लाठी भीड़ को रोक सकती है, सवाल को नहीं। ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस व्यवस्था ने उन्हें बैठाया, वह भी जाएगी।
पूर्व केंद्रीय आरके सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ज्ञानेश कुमार ने अब डर के मारे उन 13 करोड़ 30 लाख लोगों को वोटर लिस्ट में वापस शामिल करने के लिए एक अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिन्हें उन्होंने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के दौरान अलग-अलग तरीकों से लिस्ट से हटा दिया था।
उन्होंने आगे लिखा कि ज्ञानेश कुमार को यह ध्यान रखना चाहिए कि 13 करोड़ 30 लाख लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की भारी गलती के लिए उन्हें सजा से छुटकारा नहीं मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु में जहां SIR के बाद चुनाव हुए, करोड़ों लोग वोट देने के अपने अधिकार से वंचित रह गए। इसे कैसे ठीक किया जा सकता है? इसका सिर्फ एक ही समाधान है। इन राज्यों में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) से पहले मौजूद वोटर लिस्ट के आधार पर फिर से चुनाव कराए जाएं।