
Chirag Paswan on Paper Leak Law: केंद्र सरकार जल्द ही संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026 पेश करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रस्तावित कानून को पहले से कहीं ज़्यादा सख्त बनाया गया है, ताकि पेपर लीक जैसा अपराध करने के बारे में सोचने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसा कदम उठाने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद उन असामाजिक तत्वों पर रोक लगाना है जो युवाओं के भविष्य को खतरे में डालते हैं।
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से वादा किया था कि पेपर लीक के खिलाफ कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "मेरे प्रधानमंत्री ने देश की जनता से वादा किया था कि पेपर लीक से जुड़े कानून को इतना सख्त बनाया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति ऐसा अक्षम्य अपराध करने से पहले कम से कम सौ बार सोचेगा।"
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में इस अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इसे संसद के मौजूदा सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिल में कई प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। ऐसे अपराधों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने के लिए दोषियों पर जुर्माना राशि बढ़ाने और जेल की सजा की अवधि बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की सोच और गतिविधियों पर लगाम लगाना है जो परीक्षा प्रणाली में हेरफेर करके युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, "कानून का डर दिखाकर उन असामाजिक तत्वों पर रोक लगाना जरूरी है जो भारत के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऐसे काम करते हैं। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ा संदेश देना आवश्यक है।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया था, जिसे सरकार अत्यंत गंभीरता से लेती है। उन्होंने कहा, "मेरे और मेरी सरकार के लिए यह चिंता की बात है कि इस बार NEET पेपर लीक के बाद कई छात्रों की जान भी चली गई। हम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के मकसद से यह बिल सदन में ला रहे हैं।"