
CIK raids South Kashmir : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने रविवार को आतंकवाद से जुड़े एक मामले में दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई में कुलगाम और शोपियां समेत दक्षिण कश्मीर के कई जिले शामिल रहे। छापेमारी अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से की गई। हालांकि, कार्रवाई के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ और कितने लोगों से पूछताछ की गई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सीआईके जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष शाखा है, जो आतंकवादी नेटवर्क, रेडिकलाइजेशन मॉड्यूल और आतंकी फंडिंग चैनल को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हाल के अभियानों में ऐसे नेटवर्क को निशाना बनाया गया है, जो हिडन मैसेजिंग और हाई-सिक्योरिटी एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए सीमा पार बैठे आतंकी हैंडलर्स के संपर्क में रहते थे।
इस साल की शुरुआत में सीआईके ने बडगाम, अवंतीपोरा, पुलवामा, कुपवाड़ा, शोपियां और श्रीनगर समेत छह जिलों में समन्वित छापेमारी की थी। जांच के दौरान सामने आया था कि कुछ स्थानीय संदिग्ध सीमा पार मौजूद आतंकी हैंडलर्स के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। संचार नेटवर्क का पता लगाने के लिए डिजिटल डिवाइस और लॉग भी जब्त किए गए थे।
सीआईके ने जुलाई 2026 में जैश-ए-मोहम्मद के एक लोकल रिक्रूटमेंट और स्लीपर सेल मॉड्यूल को ध्वस्त करने का दावा किया था। यह मॉड्यूल पुलवामा, गांदरबल, श्रीनगर और बडगाम में सक्रिय था और कथित तौर पर सीमा पार से संचालित किया जा रहा था। इस मामले में CIK ने करीब दस ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच का फोकस ऐसे स्थानीय युवाओं को आतंकी नेटवर्क में शामिल होने से रोकना था, जिन्हें एलओसी पार बैठे आतंकी नेटवर्क से मदद मिल रही थी।
CIK ने इंटरस्टेट और जेल नेटवर्क से जुड़ी अपनी खुफिया कार्रवाई के तहत अनंतनाग जिला जेल के अलावा कुलगाम, उधमपुर और जम्मू शहर में भी कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी को जेल परिसरों के भीतर से संदिग्ध तकनीकी गतिविधियों के संकेत मिले थे। इसके बाद समन्वित सर्च वारंट के आधार पर तलाशी ली गई। कार्रवाई में कथित तौर पर मोबाइल फोन, सिम कार्ड और टैबलेट बरामद किए गए। एजेंसी अब इन उपकरणों और संपर्कों के जरिए आतंकी नेटवर्क के संभावित बाहरी लिंक की जांच कर रही है।