Civil Drone Rules : नागरिक क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने के नियमों में सख्ती करने की तैयारी चल रही है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर जेल या जुर्माना हो सकती है। इस बारे में पढ़िए शादाब अहमद की रिपोर्ट।
Civil Drones Rules in India: देश में अब आम लोगों के लिए नागरिक (सिविल) ड्रोन उड़ाने के नियम (India Drone Laws) सख्त करने की तैयारी हो रही है। प्रस्तावित कानून के तहत सिविल ड्रोन उड़ाने से पहले पंजीकरण कराना जरूरी होगा और ड्रोन को विशिष्ट पहचान नंबर दिया जाएगा।
ड्रोन को अनुमत क्षेत्रों में ही उड़ाया जा सकेगा और नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ी सजा मिलेगी। साथ ही ड्रोन दुर्घटना पर बीमा का भी प्रावधान होगा। केंद्र सरकार ने सिविल ड्रोन (प्रोत्साहन और विनियमन) विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है जिसमें इन प्रस्तावों का उल्लेख है। कानून बनाने के पीछे सरकार की मंशा देश और नागरिकों की सुरक्षा और ड्रोन व्यवसाय को बढ़ाने की है।
Drone Registration in India: दरअसल, देश में तेजी से ड्रोन का उपयोग बढ़ा है। हर गांव-शहर में ड्रोन उड़ना सामान्य हो गया है, लेकिन सख्त कानून के अभाव में मौजूदा नियमों के तहत सरकार के पास पंजीकरण बहुत कम संख्या में है। ऐसे में सरकार ड्रोन उद्योग को अनुशासित और सुरक्षित बनाने के लिए कानून ला रही है। इससे देश में ड्रोन टेक्नोलॉजी की उड़ान तो तेज होगी ही, साथ ही जनता को भरोसेमंद और सुरक्षित सेवा भी मिल सकेंगी।
प्रस्तावित कानून के मसौदे में 500 किलो वाले ड्रोनों को ही दायरे में लिया गया है। सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के ड्रोन पर यह कानून लागू नहीं होगा।
आकाश बंटेगा तीन हिस्सों में
ग्रीन जोन: जहां पंजीकृत ड्रोन उड़ सकेंगे।
येलो जोन: सीमित अनुमति के साथ ही ड्रोन की उड़ान
रेड जोन: ड्रोन उड़ान वर्जित क्षेत्र
1.जियो फेंसिंग: ताकि ड्रोन प्रतिबंधित इलाके में न जा सके।
2.स्वतः वापसी सुविधा: सिग्नल टूटने या बैटरी कम होने पर ड्रोन वापस लौट आए
मसौदे के अनुसार ड्रोन चलाने वाले को तीसरे पक्ष के लिए बीमा कराना अनिवार्य होगा। किसी दुर्घटना की स्थिति में मौत होने पर ढाई लाख रुपए, गंभीर चोट पर एक लाख रुपए और संपत्ति के नुकसान पर वास्तविक मूल्य के बराबर मुआवजा देना होगा।
बिना पंजीकरण ड्रोन उड़ाने पर एक लाख रुपए जुर्माना या छह माह तक जेल।
रेड जोन में उड़ान भरने पर तीन साल तक जेल या एक लाख रुपए जुर्माना।
सुरक्षा उपकरण से छेड़छाड़ पर 50000 रुपए जुर्माना और लाइसेंस रद्द।
यदि ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी, तस्करी या आतंकी गतिविधि में होने पर पांच साल तक की कैद और पांच लाख रुपए जुर्माना।