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मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर को डॉक्टरों ने रक्तदान करने के लिए मना, आज करेंगे आखिर बार रक्तदान

भारत के मुख्य न्यायाधीश जगदीश खेहर को डॉक्टरों ने रक्तदान देने से मना कर दिया है। न्यायधीश खेहर हर तीन महीने में एम्स में रक्तदान करते हैं।

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Aug 02, 2017
justice
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश जगदीश खेहर को डॉक्टरों ने रक्तदान देने से मना कर दिया है। बता दें कि न्यायधीश खेहर हर तीन महीने में 2011 से लगातार एम्स में रक्तदान करते आ रहे हैं। लेकिन अब डॉक्टरों की मनाही की वजह से अब वह रक्तदान नहीं कर पाएंगे। बुधवार यानी आज खेहर आखिरी बार रक्तदान करेंगे।

पूरी उम्र किया है रक्तदान
न्यायधीश खेहर ने अपनी पूरी उम्र में रक्तदान किया है। लेकिन अब उनके रक्तदान धर्म में एक रूकावट आ गई है। खेहर चाहते हैं कि वह पूरी उम्र इसी तरह रक्तदान करते रहे लेकिन उनके डॉक्टरों ने उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें रक्तदान करने से मना किया है। हालांकि खेहर जब 60 साल के थे तब भी डॉक्टरों ने उन्हें रक्तदान करने से मना किया था। लेकिन खेहर रूके नहीं और फिर भी रक्तदान करते गए। अब जब खेहर 65 साल के हो गए हैं तो डॉक्टरों ने हाथ खड़े करते हुए उन्हें रक्तदान करने से मना कर दिया है। बतां दे कि खेहर 27 अगस्त को 65 साल का होते ही वह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश पद से रिटायर हो जाएंगे।

स्वस्थ व्यक्ति हर 90 दिनों में दे सकता है रक्त
मेडिकल नियमों के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति हर 90 दिनों के बाद रक्तदान कर सकता है। नियमों के मुताबिक रक्तदान केवल 18 साल से 60 साल उम्र के लोग ही कर सकते हैं। साथ ही जो रक्तदान कर रहा है उसका वजन 45 किलो से कम नहीं होना चाहिए।

बिना वीआईपी ट्रीटमेंट पहुंचते है खेहर
जस्टिस खेहर को जानकार बताते हैं कि खेहर की कार हर 90 दिनों में एम्स के बाहर आकर खड़ी हो जाती है और वह बिना किसी वीआईपी ट्रीटमेंट के बिना के ही एम्स पहुंचते हैं। खेहर के स्टाफ के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण होता है कि खेहर बिना पॉयलट कार और भारी-भरकम सुरक्षा के निर्धारित समय पर पहुंच जाएं।
Published on:
02 Aug 2017 01:56 pm
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