
दिल्ली में चलती बस में हुए रेप के मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया
AAP on Delhi gangrape case: दिल्ली के रानीबाग से एक रेप का मामला सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि चलती स्लीपर बस में उसके साथ दो युवकों ने मिलकर दुष्कर्म किया है। महिला की शिकायत के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना में इस्तेमाल हुई बस को पुलिस ने जब्त कर लिया है और साथ ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस मामले को दिल्ली में हुए निर्भया कांड से तुलना की है।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बहुत शर्मनाक, दिल्ली में एक बार फिर निर्भया जैसी घटना हुई है। उन्होंने लिखा कि 30 साल की महिला को रात में समय पूछने के बहाने बस में बैठाया गया, जिसके बाद करीब दो घंटे तक चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। और दो घंटों तक वह बस रानी बाग इलाके में करीब सात किलोमीटर तक बस घूमती भी रही। उन्होंने दिल्ली पुलिस और एलजी पर तंज कसते हुए कहा कि इनसे और उम्मीद भी क्या की जा सकती है। ये तो चाहते हैं कि हम इनकी रील्स देखें जिनमें ये छोले भटूरे खा रहे हों।
जानकारी के मुताबिक पीड़िता पीतमपुरा की झुग्गियों में रहती है और मंगोलपुरी की एक फैक्टरी में काम करती है। सोमवार रात वह काम खत्म करके घर लौट रही थी। रास्ते में जब वह सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास पहुंची तो वहां एक स्लीपर बस खड़ी थी। महिला ने बस के गेट पर खड़े एक युवक से सिर्फ समय पूछा था। आरोप है कि तभी वहां मौजूद लोगों ने उसे जबरदस्ती बस के अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद बस चल पड़ी और अंदर मौजूद दो युवकों ने उसके साथ गलत काम किया। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे तक महिला के साथ दरिंदगी होती रही। बाद में देर रात उसे घायल हालत में सड़क किनारे फेंक दिया गया।
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ 6 लोगों ने गैंगरेप और बेरहमी की थी। इस घटना को देशभर में ‘निर्भया कांड’ के नाम से जाना गया। गंभीर चोटों के कारण बाद में पीड़िता की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद पूरे देश में भारी विरोध प्रदर्शन हुए और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून बनाए गए। साल 2020 में इस केस के चार दोषियों को फांसी दी गई थी।
यह दिल्ली के जनकपुरी का मामला है। इसमें एक तीन साल की बच्ची के साथ स्कूल में रेप किए जाने का आरोप है। इस मामले में एक 57 साल के केयरटेकर पर आरोप लगाया गया था, जिसे बाद में कोर्ट में जमानत दे दी गई थी। इसके बाद से इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। आम आदमी पार्टी के नेता इसे लेकर शुरुआत से ही आवाज उठाते आए हैं।
बुधवार को इसे लेकर सौरभ भारद्वाज समेत AAP के कई नेता उपराज्यपाल से मिलने के लिए एलजी हाउस गए थे। इनका कहना है कि वह वहां इस मामले में बच्ची के माता-पिता को मिल रही धमकियों को लेकर बात करने गए थे, लेकिन उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया और पुलिस ने AAP नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था।
Published on:
14 May 2026 12:41 pm
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