14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेशे से वकील, 1996 में लड़ा पहला चुनाव, मिली थी हार अब बनेंगे केरल के नए CM, जाने कौन हैं वीडी सतीशन

Kerala new Chief Minister: केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीशन के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यालय में जश्न शुरू हो गया है।

2 min read
Google source verification
VD Satheesan

VD Satheesan

Who is VD Satheesan: कांग्रेस ने गुरुवार को वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीशन के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यालय में जश्न शुरू हो गया। इस फैसले की घोषणा एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी और पार्टी के राज्य के केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। मुख्यमंत्री पद के लिए तीन मुख्य दावेदार सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच विचार-विमर्श के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इस फैसले को अंतिम रूप दिया।

छह बार के विधायक हैं वीडी सतीशन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छह बार के विधायक वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया। हाल ही विधानसभा चुनाव में सतीशन ने सीपीआई उम्मीदवार ईटी टायसन मास्टर को 20,600 वोटों के अंतर से हराया। उनको 78,658 वोट मिले है। सतीशन 25 सालों से परवूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे है। उन्होंने पहली बार यह सीट 2001 में जीती थी।

पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता

वीडी सतीशन का जन्म 1964 में कोच्चि के पास नेटूर में हुआ था। कांग्रेस से संबंध रखने वाले सतीशन की जड़ें दिल्ली की सत्ता गलियारों की बजाय जमीनी स्तर की राजनीति में रही हैं। वे एक प्रशिक्षित वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। केरल छात्र संघ (केएसयू) के माध्यम से राजनीति में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे कांग्रेस में आगे बढ़े।

2001 में पहली बार चुने गए एमएलए

वीडी सतीशन ने 1996 में पहली बार केरल विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने एर्नाकुलम जिले की परावूर सीट से कांग्रेस (यूडीएफ) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार पी. राजू से हार मिली थी। वह साल 2001 में इसी सीट से दोबारा चुनाव लड़े और पहली बार केरल विधानसभा के सदस्य (MLA) चुने गए। साल 2001 के बाद उन्होंने परवूर सीट से लगातार 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 के चुनावों में जीत दर्ज की। वह 2021 से 2026 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे।

यूडीएफ को मिली थी 102 सीटें

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में यह देरी अपने आप में एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 4 मई को केरल की 140 सीटों में से 102 सीटें जीतकर निर्णायक जनादेश हासिल किया। इसमें कांग्रेस 63 सीटों के साथ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसके सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 22, केरल कांग्रेस (केईसी) के आठ और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के तीन विधायक हैं।