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‘दिल्ली में स्कूल और बसों में सुरक्षित नहीं हैं बच्चियां’, चलती बस गैंगरेप केस पर भड़के AAP नेता मनीष सिसोदिया

Manish Sisodia: राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में एक महिला के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने ड्राइवर और हेल्पर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

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manish sisodia attacks bjp

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Delhi bus gangrape case: सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सक्रिय हुए आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी BJP पर कड़ा प्रहार किया है। सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि दिल्ली में सुरक्षा के दावे करने वाले 'BJP के सारे इंजन ठप हो चुके हैं'। उन्होंने बेहद गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में अब न तो स्कूलों के अंदर बच्चियां सुरक्षित बची हैं और न ही सड़कों पर चलती बसों में महिलाएं। सिसोदिया का यह बयान उस वक्त आया है जब दिल्ली की एक और बेटी के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

स्कूल में बच्चियां, बसों में महिलाएं सुरक्षित नहीं

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने घटना को लेकर BJP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दिल्ली में BJP के सारे इंजन ठप हो चुके हैं। स्कूल में बच्चियां सुरक्षित नहीं, बसों में महिलाएं सुरक्षित नहीं!

7 किलोमीटर तक चलती बस में हैवानियत

यह शर्मनाक घटना तब शुरू हुई जब पीतमपुरा की रहने वाली एक 35 वर्षीय महिला दिल्ली से 19 किमी दूर की एक फैक्ट्री से काम खत्म कर रात के वक्त पैदल अपने घर लौट रही थी। रास्ते में एक खड़ी स्लीपर बस के ड्राइवर और हेल्पर ने उसे अकेले देखकर जबरन बस के अंदर खींच लिया। आरोप है कि हैवानियत का यह खेल करीब 7 किलोमीटर तक चलता रहा। ड्राइवर बस को सड़कों पर दौड़ाता रहा और अंदर महिला के साथ दुष्कर्म किया गया। रात के करीब 2 बजे आरोपी महिला को सुनसान सड़क पर फेंककर फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

पीड़ित महिला ने हिम्मत दिखाते हुए रानी बाग थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी व सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय बस चालक सुदेश और 26 वर्षीय हेल्पर अमन के रूप में हुई है। पुलिस ने उस स्लीपर बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिसमें इस वारदात को अंजाम दिया गया था। फिलहाल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सिस्टम पर उठते सवाल

इस घटना ने एक बार फिर 2012 के निर्भया कांड की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं। मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल LG की जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर राजधानी की सड़कों पर रात के वक्त बसें अपराध का अड्डा बन जाएंगी, तो आधी आबादी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी?