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कुरियर के जरिए पहुंचाए गए NEET-UG के पेपर, लेकिन छात्र ने फोन में फोटो खींचककर कर दी गलती

NEET UG Paper Leak: पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। CBI के अनुसार, प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी कुरियर के जरिए पहुंचाई गई थी, लेकिन एक छात्र द्वारा मोबाइल से फोटो खींचकर शेयर करना पूरे रैकेट के खुलासे की बड़ी वजह बन गया।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 14 May 2026, 11:46 AM IST

NEET UG papers Leak

कुरियर के जरिए पहुंचाए गए NEET-UG के पेपर

NEET Paper Leak 2026: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे घोटाले की जड़ें पुणे से जुड़ी हैं, जहां से प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी हासिल कर उसे कुरियर और डिजिटल माध्यमों से राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र में फैलाया गया था।

जांच के केंद्र में जयपुर का बीवाल परिवार

मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में राजस्थान के जयपुर जिले के जमवारामगढ़ का बीवाल परिवार मुख्य संदिग्ध के रूप में उभरा है। CBI ने कर्रवाई करते हुए दिनेश बीवाल, उसके भाई मंगीलाल बीवाल और भतीजे विकास बीवाल को गिरफ्तार किया है। जब पुलिस इन आरोपियों की छानबीन की तो पता चला कि इस परिवार के चार बच्चे पहले ही 2025 में NEET पास कर चुके हैं और वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। आरोप है कि दिनेश बीवाल ने 29 अप्रैल के करीब सीकर जाकर यश नामक व्यक्ति से पेपर लिया और अपने बेटे को सौंपा, जो वहां परीक्षा की तैयारी कर रहा था। संदेह है कि दिनेश ने यह सामग्री कम से कम 10 अन्य लोगों तक पहुंचाई थी।

पुणे से गुरुग्राम और फिर देशभर में लीक का जाल

CBI की जांच में सामने आया है कि NEET पेपर लीक की शुरुआत पुणे में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास पहुंची प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी से हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक चिकित्सक ने यह कॉपी नासिक के शुभम खैरनार को कुरियर की, जिसके बाद उसने प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर गुरुग्राम में मौजूद अपने एक संपर्क सूत्र को भेज दीं। वहां से यह पेपर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और कोचिंग नेटवर्क के जरिए तेजी से राजस्थान और हरियाणा समेत कई इलाकों में फैलाया गया।

सीकर के शिक्षक ने 'गेस पेपर' से पकड़ा फर्जीवाड़ा

इस बड़े घोटाले का राज तब खुला जब सीकर के एक कोचिंग शिक्षक ने देखा कि बाजार में मिल रहे 'गेस पेपर' के सवाल असली NEET पेपर से मेल खा रहे हैं। शिक्षक ने 8 से 10 मई के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल कर इसकी सूचना दी, जिसके बाद जयपुर की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और फिर CBI ने मामले की कमान संभाली।

बड़े रसूखदारों को बचाने का आरोप

जयपुर की अदालत में पेशी के बाद CBI चारों मुख्य आरोपियों (दिनेश, मंगीलाल, विकास और यश) को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई है। इस दौरान एक आरोपी ने मीडिया के सामने चिल्लाते हुए दावा किया कि जांच एजेंसियां बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचा रही हैं और केवल आम आदमी को ही निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल, CBI नेटवर्क की शुरुआती कड़ी और RK Consultancy के राकेश मंडावरिया की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

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