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शुभेन्दु सरकार का बड़ा फैसला, बंगाल के सभी स्कूलों वंदे मातरम अनिवार्य

West Bengal में सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। नए निर्देश के बाद राज्य गीत को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है, क्योंकि पहले से ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ का भी प्रावधान है।

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suvendu adhikari

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी (File Photo- IANS)

Vande Mataram: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि सोमवार से कक्षाएं शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि इसे सभी स्कूलों की प्रार्थना सभा में शामिल किया जा सके।

इस नए निर्देश के बाद स्कूलों में असमंजस की स्थिति बन गई है, क्योंकि पिछली सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान राज्य गीत ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ को गाना अनिवार्य किया था। हालांकि, नए नोटिस में राज्य गीत का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योंकि बच्चों के लिए सुबह की प्रार्थना सभा में एक से अधिक गीत गाना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

केंद्र की ओर जारी किए गए थे दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार ने 28 जनवरी को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। हर व्यक्ति को इस दौरान खड़ा होना अनिवार्य होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा।

आधिकारिक प्रोटोकॉल संबंधी नए दिशा-निर्देश

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए केंद्र सरकार ने बाद में आधिकारिक प्रोटोकॉल स्थापित करने वाले नए व्यापक दिशानिर्देश भी जारी किए है। इसमें बताया गया है कि सरकारी समारोह में इसे कैसे और कब प्रस्तुत किया जाए।

सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण आधिकारिक संस्करण, जिसमें कुल छह श्लोक शामिल हैं और जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है, प्रमुख राजकीय समारोहों में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत या बजाया जाए।

निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) और ‘राष्ट्रगान’ दोनों का आयोजन किया जाना हो, तो सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा और उसके बाद ‘राष्ट्रगान’ गाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों से दैनिक प्रार्थना सभाओं एवं महत्वपूर्ण संस्थागत आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, ‘वंदे मातरम’ और ‘राष्ट्रगान’ के दौरान सभी उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि, सिनेमा हॉल और फिल्म प्रदर्शन के मामलों में विशेष छूट प्रदान की गई है।