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’24 घंटे खुले हैं SC के दरवाजे, किसी केस को सुनने से इनकार नहीं किया’; छात्रों पर पुलिस एक्शन के मामले पर बोले CJI सूर्यकांत

CJI Surya Kant: जंतर-मंतर प्रदर्शन और छात्रों की याचिका को लेकर CJI जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी मामले की सुनवाई से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अदालत के दरवाजे हर नागरिक के लिए खुले हैं।
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CJI Surya Kant
CJI सूर्यकांत (File Photo)

CJI on CJP Protest PIL: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका खारिज होने के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। टीवी चैनल NDTV के साथ एक खास बातचीत में CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने कभी किसी मामले की सुनवाई करने से इनकार नहीं किया है और न ही कभी ऐसा करेगा। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक और युवा के लिए अदालत के दरवाजे चौबीसों घंटे खुले रहते हैं।

बिना सही याचिका के सुनवाई कैसे हो सकती है? - CJI

कोर्ट में अनौपचारिक रूप से उठाए गए मुद्दों पर बात करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सिर्फ़ एक पन्ने के पत्र के आधार पर सबूतों की तुरंत जांच और आदेश जारी करने की मांग करना सुप्रीम कोर्ट के तय नियमों के खिलाफ है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई से इनकार करने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। सुप्रीम कोर्ट कभी भी किसी मामले की सुनवाई से इनकार नहीं कर सकता।

CJI सूर्यकांत ने कहा, "मेरा संकल्प पूरे देश के प्रति है, सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। लेकिन अगर कोई सही याचिका दायर नहीं की गई है, तो मैं मामले की सुनवाई कैसे कर सकता हूं? एक पन्ने की चिट्ठी के आधार पर सबूतों की सीधी समीक्षा की मांग करना सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन है। मैंने सुबह 10 बजे जांच की थी कि कोई याचिका दायर नहीं की गई थी, लेकिन जैसे ही नियमों के अनुसार याचिका दाखिल की गई, तो हमने उसे सुना।"

देश के युवाओं को न्याय का दिलाया भरोसा

इंटरव्यू के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा, "मैं हर नागरिक और खासकर युवाओं को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगर किसी के साथ किसी भी तरह का अन्याय होता है, तो सुप्रीम कोर्ट कानून के दायरे में रहते हुए निश्चित रूप से उनकी शिकायतों और समस्याओं का समाधान करेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका केवल नियमों का पालन करके ही राहत दे सकती है। इसलिए, यह जरूरी है कि किसी भी मामले को सही प्रक्रिया के माध्यम से कोर्ट के सामने लाया जाए।

पूरा विवाद क्या था?

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा अनौपचारिक रूप से कोर्ट के सामने उठाया गया। इसके बाद ऐसी खबरें फैलीं कि चीफ जस्टिस की बेंच ने तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि कोर्ट के पास वीडियो देखने का समय नहीं है।

Updated on:
24 Jul 2026 08:21 pm
Published on:
24 Jul 2026 08:12 pm