
CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दिए जाने के दौरान भी पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। CJP ने कहा कि देश की राजधानी में पुलिस का ऐसा रवैया देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।
सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि अभिजीत को जब उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई, तब दिल्ली पुलिस के जवान वहां कैमरे और माइक्रोफोन लेकर मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने इस दुखद घटना को भी तमाशा बनाने की कोशिश की।
सीजेपी ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को उसके परिजन की मौत की खबर देना बेहद संवेदनशील क्षण होता है। ऐसे समय में मानवीय व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उनके आरोपों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस परिस्थिति में भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई। CJP के सह-संयोजक ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस का इस तरह पेश आना शर्मनाक है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सीजेपी नेताओं ने दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है, यातायात पर पाबंदियां लगाई गई हैं और राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं।
CJP नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 50 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद करने, दुकानों और सड़कों पर पाबंदियां लगाने जैसे कदमों से आंदोलन को कमजोर करने और जेन-जी आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
सौरव दास ने हिरासत में लिए जाने की घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अंदेशा था कि पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है, लेकिन कार्रवाई इस तरह होगी, इसकी उम्मीद नहीं थी।
दास के मुताबिक, दिल्ली पहुंचने पर जैसे ही वे विमान से उतर रहे थे, पुलिसकर्मी विमान की सीढ़ियों तक पहुंच गए और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। उन्होंने इस कार्रवाई को अगवा किए जाने जैसा बताया।