
CJP BCI Protest: जंतर-मंतर पर हुए पिछले विरोध प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी एक और प्रदर्शन के समर्थन में उतर चुकी है। इस बार मामला बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे से जुड़ा हुआ है। दरअसल, ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसे CJP नेताओं ने समर्थन दिया है।
बता दें कि यह प्रदर्शन NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के छात्रों के खिलाफ BCI चेयरमैन की कार्रवाई को लेकर हो रहे विवाद के बीच बुलाया गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के अलावा सौरव दास और आशुतोष रांका ने भी प्रदर्शन के समर्थन का ऐलान किया है।
दरअसल, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब NALSAR यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखकर दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।
इसके बाद BCI की ओर से ऐसा आदेश जारी किया गया, जिसके तहत अगले आदेश तक NALSAR से कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के अधिवक्ता के तौर पर नामांकन पर रोक लगा दी गई। आदेश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी कड़ी आलोचना हुई और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। हालांकि बढ़ते विवाद के बीच BCI ने कुछ ही घंटों में अपना आदेश वापस ले लिया।
मामले पर CJI सूर्यकांत ने भी BCI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के विरोध के अधिकार में BCI को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों को कानून के दायरे में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से नहीं रोका जा सकता।
इसके बाद BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी बयान में लॉ के छात्रों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम से छात्रों के बीच चिंता पैदा हुई और अगर उनके किसी शब्द या संवाद से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।
चीफ जस्टिस के बयान के बाद सीजेपी नेता सौरभ दास ने बीसीआई चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मनन कुमार मिश्रा को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए। सीजेपी प्रवक्ता दास ने लिखा कि अदालतों के अंदर और बाहर मौजूद कॉकरोच यह सुनिश्चित करें कि ऐसा हो।
अब CJP ने ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा- मनन, अब हो गया भाई! सभी कानूनी कॉकरोच इस प्रदर्शन में शामिल हों।
वहीं सौरभ दास ने कहा कि वह हर उस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करते हैं, जिसका उद्देश्य जवाबदेही तय करना और सार्वजनिक पदों पर आसीन लोगों के आचरण के उच्च मानक स्थापित करना है। CJP नेता आशुतोष रांका ने भी प्रदर्शन के समर्थन में लीगल कॉकरोच यूनाइट लिखा।
पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का हर रूप स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि कानूनी बिरादरी को यह समझना चाहिए कि हर आवाज मायने रखती है और जवाबदेही की मांग करना केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
बता दें कि नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितताओं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। सीजेपी के प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।