
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Photo - IANS)
Congress and Vande Mataram: 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी ने हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस वोटबैंक की घटिया राजनीति कर रही है। भारत माता के इस अपमान को देश बर्दाश्त नहीं करेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हजारों क्रांतिकारियों ने 'वंदे मातरम' का उद्घोष किया था, जिन्होंने खुशी-खुशी फांसी का फंदा चूमा और देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। 'वंदे मातरम' भारत का गौरव है। पूरा 'वंदे मातरम' न गाना सिर्फ 'वंदे मातरम' का अपमान नहीं है। यह भारत माता का भी अपमान है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की मुस्लिम लीग मानसिकता अभी तक बदली नहीं है। 1937 में मु्स्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने यह फैसला लिया था कि पूरा 'वंदे मातरम' गीत नहीं गाया जाएगा। आज भी कांग्रेस भारत की संस्कृति, जीवन मूल्य, परंपराओं और जड़ों से जुड़ी हुई नहीं है। वह वोटबैंक की घटिया राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस संसद से ऊपर है। क्या वह संविधान से ऊपर है? शिवराज सिंह ने कहा कि भारत माता के इस अपमान को देश बर्दाश्त नहीं करेगा। कांग्रेस को देश कभी माफ नहीं करेगा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे मुस्लिम लीग को लीड कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की निष्ठा भी सवालों के घेरे में है।
इस मामले पर भाजपा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कांग्रेस व गांधी परिवार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि
कांग्रेस ने आखिरकार मान लिया है कि वह वंदे मातरम का विरोध करती रहेगी। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने निर्णय लिया है कि कांग्रेस 'वंदे मातरम' का दो छंद ही गाएगी। कांग्रेस अपने को देश और संविधान से ऊपर मानती है। संसद जब कोई कानून पारित करता है तो देशवासियों को मानना पड़ता है संविधान यही कहता। संविधान का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।
बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस मानसिक तौर पर गुलाम है और कांग्रेस में बैठे लोग बंधुआ मजदूर की तरह हैं। सोनिया गांधी जो भारतीय कल्चर से बहुत दूर हैं। 'वंदे मातरम' का अर्थ भी जिन्हें समझ में नहीं आता उनके इशारे पर इस तरह के तुष्टिकरण के निर्णय उनके लिए आत्मघाती होगा। जो भारत माता का सम्मान ना करे यह देश उसे स्वीकार नहीं करेगा।
वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस ने अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी ने तय किया कि उसके कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 1937 में तय किए गए संस्करण के शुरुआती दो पैरा ही गाए जाएंगे। बैठक में आगामी परिसीमन को लेकर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया।
Updated on:
20 Aug 2026 12:01 pm
Published on:
20 Aug 2026 12:01 pm
