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2027 के विधानसभा चुनावों से पहले BJP का दांव: यूपी में तावड़े, पंजाब में पूनिया और गुजरात में चुग को क्यों मिली कमान?

BJP Assembly Elections 2027: 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विनोद तावड़े को यूपी, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी का फोकस संगठन मजबूत करने, जमीनी समीकरण साधने और चुनावी रणनीति को धार देने पर है।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 18, 2026

Nitin Nabin BJP Strategy

बीजेपी ने तीन राज्यों के प्रभारियों का किया ऐलान (Photo-IANS)

BJP Assembly Elections 2027: अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने है। जहां यूपी और गुजरात में बीजेपी के सामने अपनी सत्ता बरकरार रखने, जबकि पंजाब में सत्ता बनाने की चुनौती होगी। तीनों राज्यों के चुनाव को देखते हुए पार्टी ने तैयारी भी तेज कर दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों राज्यों के लिए प्रभारी की मंगलवार को घोषणा की है। विनोद तावड़े को यूपी, तरुण चुग को गुजरात और सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। 

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पिछले कुछ महीनों से चुनावी राज्यों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान नवीन संगठन की तैयारियों की समीक्षा भी कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। 

उत्तर प्रदेश और पंजाब पर पार्टी नेतृत्व का खास फोकस रहा है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को समझने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश: विनोद तावड़े के सामने सबसे बड़ी चुनौती

विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। दरअसल, चुनावी राज्यों में से बीजेपी के लिए सबसे महत्वपूर्ण यूपी है। पार्टी भले ही अभी भी राज्य की राजनीति में मजबूत स्थिति में हो, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे कई क्षेत्रों और सामाजिक समूहों के बीच नुकसान उठाना पड़ा था। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का लक्ष्य इन कमजोरियों को दूर कर अपनी स्थिति मजबूत करना है। 

विनोद तावड़े बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री है और पार्टी के भरोसेमंद संगठनकर्ताओं में गिना जाते है। वे हरियाणा और बिहार के भी प्रभारी रह चुके हैं। इसके अलावा हाल के वर्षों में उनका उत्तर प्रदेश की बीजेपी गतिविधियों में भी सक्रिय दखल रहा है।

विनोद तावड़े की खासियत एक बड़े जननेता के बजाय पर्दे के पीछे रहकर संगठन और राजनीतिक समीकरणों को साधने वाले रणनीतिकार की है। 

उनके सामने चुनौती सिर्फ विपक्ष को हराने की नहीं होगी, बल्कि सहयोगी दलों के साथ तालमेल, जातीय प्रतिनिधित्व, टिकट वितरण और बूथ स्तर तक पार्टी के संगठन को सक्रिय रखने की भी होगी।

पंजाब के प्रभारी बने सतीश पूनिया

नितिन नवीन ने सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी है। दरअसल, पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां बीजेपी ने अपने दम पर अकेले कभी सरकार नहीं बनाई है। बीजेपी ने शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। 

यहां पर पार्टी को अपना आधार विस्तार देने की जरूरत है। दरअसल, पार्टी अब राज्य में अपने दम पर संगठन और जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 

इसी रणनीति के तहत सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष पूनिया को मजबूत संगठनकर्ता के तौर पर जाना जाता है। हरियाणा में बीजेपी के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के दौरान उनकी संगठनात्मक भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया था।

पूनिया पहले से ही पंजाब बीजेपी के संगठन को मजबूत करने की कवायद में शामिल रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को नई शुरुआत के बजाय पहले से चल रहे संगठनात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।

तरुण चुग के सामने मजबूत किले को सुरक्षित रखने की चुनौती

तरुण चुग बीजेपी के राज्य सभा सांसद और राष्ट्रीय महामंत्री हैं। उनकी गिनती पार्टी के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं। पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत विभिन्न राज्यों में काम करने का उनका अनुभव उन्हें अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में संगठन संभालने में सक्षम बनाता है।

गुजरात बीजेपी का लंबे समय से मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में पहली नजर में यह जिम्मेदारी अपेक्षाकृत आसान दिखाई दे सकती है, लेकिन पार्टी के लिए चुनौती केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि अपनी मजबूत स्थिति को बनाए रखना भी है।

तरुण चुघ का संगठनात्मक अनुभव इस रणनीति के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। उनसे अपेक्षा होगी कि वे राज्य संगठन को सक्रिय रखें, जमीनी फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएं और चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों में किसी भी तरह की कमजोरी को दूर करें।

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