
Abhijeet Dipke: आंध्र प्रदेश के कुरनूल में CJP नेताओं की जमानत और प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी आंध्र प्रदेश की राज्य प्रवक्ता विनुषा रेड्डी ने दावा किया कि CJP नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका ने जमानत मिलने से पहले एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन दिया था। उन्होंने सौरव दास के फिर से सड़कों पर उतरने की बात कहने पर सवाल उठाए।
विनुषा रेड्डी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि CJP से जुड़े तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को एक शर्त पर जमानत दी गई थी। इन तीनों नेताओं ने लिखित आश्वासन दिया था कि वे अगले एक साल तक किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग हो या कानून-व्यवस्था पर असर पड़े।
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि लिखित समझौता करने के बाद भी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां शांति बनाए रखने का वादा किया गया था, वहीं आज सौरव दास फिर से बयानबाजी कर रहे हैं कि वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। विनुषा रेड्डी ने इस रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कानून और दिए गए आश्वासन का सीधा उल्लंघन है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ऐसे कितने जरूरी हैं कि उनके लिए सरकार को हर तरफ विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पोस्ट में दावा किया कि दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों के साथ भी मारपीट कर रही है। उन्होंने इसी मुद्दे पर मोदी सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार इतनी सख्ती क्यों दिखा रही है। दीपके का सवाल है कि आखिर ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार पर ऐसा क्या दबाव है कि उसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उनकी पोस्ट में कथित मारपीट की घटनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है।