
Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के बीच शनिवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 25 जुलाई को सुबह 7:30 बजे से 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार को साफ चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं हुईं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में लोग लगातार प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन आज बंद रहेंगे। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी। इसके अलावा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मेट्रो केवल धौला कुआं और यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 के बीच ही चलेगी।
केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों पर सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है और कुछ मांगों पर सिद्धांत रूप से सहमति भी बनी है। लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मांग पर निर्णय नहीं लेती है तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी और आंदोलन को और सख्त किया जाएगा। CJP का कहना है कि केवल एनटीए के 47 अधिकारियों को हटाना काफी नहीं है। पार्टी का आरोप है कि पूरे मामले की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
जंतर मंतर पर CJP का धरना लगातार जारी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनके अनुसार यह अब केवल किसी एक व्यक्ति या एक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि युवाओं का आंदोलन बन चुका है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और गर्म मौसम के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। कई सामाजिक संगठन, किसान संगठन, वकीलों के समूह और अलग-अलग राज्यों से आए लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि उन्होंने सरकार के साथ कोई समझौता नहीं किया है। उनका कहना है कि उन्होंने 26 दिन तक छात्रों के लिए अनशन किया और स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के साथ-साथ संभावित पुलिस कार्रवाई को देखते हुए लिखित आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सुरक्षा थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि शिक्षा मंत्री को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ेगा।