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CJP Protest: अभिजीत दीपके को हुआ टाइफाइड, उन्होंने कहा जारी रखेंगे विरोध प्रदर्शन

Abhijit Deepke: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो गया है। अभिजीत ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि वह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखेंगे। सीजेपी लगातार इस मामले को लेकर सरकार के साथ बातचीत कर रही है।
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Abhijit Dipke
Abhijit Dipke अभिजीत दीपके ( फोटो- Abhijeet Dipke एक्स पोस्ट)

Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उनकी बीमारी आंदोलन को नहीं रोक सकती और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उनके इस बयान के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में नया उत्साह देखने को मिला है।

जारी रहेगा आंदोलन - दीपके

अभिजीत दीपके ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए अपनी बीमारी की जानकारी दी। दीपके ने अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि की है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की है। इसलिए स्वास्थ्य खराब होने के बाद भी वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

बिहार में भी तेज हुआ विरोध प्रदर्शन

इस बीच बिहार में भी आंदोलन का असर देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने कथित नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने समस्तीपुर-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस दौरान राज्य के कई इलाकों में भी प्रदर्शन और धरने आयोजित किए गए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी चर्चा में

इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बिना सवाल किए किसी बात को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि अब युवाओं को हर बात का कारण समझाना पड़ता है और उनके साथ संवाद बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार परिवारों के भीतर भी बातचीत कम होती जा रही है, जिसे बदलने की जरूरत है।

सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने पर दी सफाई

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपने अनशन खत्म करने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता आंदोलन में शामिल छात्रों को हिंसा और कानूनी कार्रवाई से बचाना था। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि समय आने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे। दूसरी ओर, केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत का दौर जारी है और दोनों पक्षों के बीच अगले चरण की चर्चा भी प्रस्तावित है। ऐसे में सभी की नजर अब इस आंदोलन के अगले कदम और सरकार के फैसले पर बनी हुई है।

Updated on:
25 Jul 2026 10:24 am
Published on:
25 Jul 2026 09:56 am