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‘पहले अपने मंत्री को इस्तीफा देने को कहो’, पीएम मोदी के ट्वीट पर हमलावर हुआ विपक्ष, सांसदों ने उठाए सवाल

CJP Protest: पेपर लीक मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट वाले ट्वीट के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी सांसदों ने कहा कि छात्रों की असली मांग जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है, केवल ट्वीट से भरोसा नहीं लौटेगा।
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नई दिल्ली

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Himadri Joshi

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Updated: 23 Jul 2026, 12:19 PM IST

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

PM Modi Tweet: पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं माना। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के सांसदों ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग जवाबदेही तय करना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। विपक्ष का कहना है कि केवल घोषणा या ट्वीट से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

प्रियंका गांधी ने भरोसे और नेतृत्व पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की असली मांग को समझने की बजाय किसी और दिशा में बात कर रही है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैसा है जैसे कोई बच्चा कहे कि वह डिजाइनर बनना चाहता है और उसके पिता कहें कि उन्होंने उसका इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला करा दिया है। उनके मुताबिक समस्या यह है कि छात्र कुछ और मांग रहे हैं, जबकि सरकार किसी और बात का जवाब दे रही है। प्रियंका का कहना है कि नेताओं को इस समय नेतृत्व दिखाते हुए छात्रों की बात सुननी चाहिए। छात्रों की साफ मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। प्रियंका ने कहा कि सरकार को मौजूदा व्यवस्था से बाहर निकलकर कुछ ठोस फैसले लेते हुए अपने मंत्री को इस्तीफा देने को कहना चाहिए।

के. सी. वेणुगोपाल ने बोला पीएम पर हमला

कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने भी पीएम के ट्वीट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब केवल दावे करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बातों पर लोगों का भरोसा खत्म हो चुका है क्योंकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाया जाना चाहिए, उसके बाद ही सरकार छात्रों से बातचीत करे।

लाठीचार्ज पर अफसोस नहीं जताया- सेलजा कुमारी

कांग्रेस सांसद सेलजा कुमारी ने भी कहा कि अभी तक केवल ट्वीट किया गया है, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्या होगा, इसकी घोषणा से ज्यादा जरूरी यह है कि सरकार अब तक क्या कर चुकी है। उनके अनुसार न तो किसी ने इस्तीफा दिया, न लाठीचार्ज पर अफसोस जताया गया और न ही राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब दिया गया।

आनंद भदौरिया और प्रेमचंद्रन ने जवाबदेही पर दिया जोर

समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री के ट्वीट से उन छात्रों का दर्द कम नहीं होगा जो लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री युवाओं को संदेश देना चाहते थे तो उन्हें संसद में आकर सीधे छात्रों और देश के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि विपक्ष, छात्र और युवा केवल मामलों के जल्दी निपटारे की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी मांग राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

पीएम के ट्वीट से शुरू हुआ विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया था जिसके बाद से विपक्ष उन पर हमलावर हुआ है। इस पोस्ट में पीएन ने कहा कि युवाओं का भविष्य और उनका हित सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश देने की बात भी कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों का हिस्सा है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।