
CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। इस दौरान हुए पथराव में 10 से अधिक IPS और DANIPS अधिकारियों समेत 50 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। कई लोगों के सिर, चेहरे और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार को हजारों CJP समर्थक, छात्र और एक्टिविस्ट जंतर-मंतर पर जमा हुए और संसद मार्ग की ओर मार्च करने की कोशिश की। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने संसद के मॉनसून सत्र और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस विरोध-प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं दी थी। जब प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स से रोका गया, तो भीड़ उग्र हो गई और सुरक्षा घेरा तोड़ने और बैरिकेड्स गिराने की कोशिश करने लगी।
हालात बेकाबू होते देख, दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स (CAPF और RAF) के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन व लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसके तुरंत बाद, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरातफरी फैल गई।
इस घटना के बाद, दिल्ली पुलिस ने हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) के अनुसार, अलग-अलग शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों में FIR दर्ज की जा रही हैं। अब तक पुलिस ने 70 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमें आरोपियों की पहचान करने के लिए डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं।
पुलिस को घटनास्थल और आस-पास के इलाकों से 40 से ज़्यादा वीडियो क्लिप्स मिली हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ते और पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। शुरुआती जांच और वीडियो के विश्लेषण से पता चला है कि कई लोगों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने चेहरे रूमाल और कपड़ों से ढके हुए थे। पुलिस CCTV फुटेज, ड्रोन कैमरे के फ़ीड और मीडिया या मोबाइल फ़ोन रिकॉर्डिंग के आधार पर फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके आरोपियों की पहचान कर रही है।