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CJP Protest: गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संसद की बढ़ाई गई सुरक्षा

CJP Protest: सीजेपी प्रदर्शनकारी संसद के काफी नजदीक पहुंचने लगे है जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पीछे हटाने के लिए आंसू गैस का उपयोग किया और लाठीचार्ज भी किया। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे है।
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High security at Parliament
संसद की बढ़ाई गई सुरक्षा (फोटो- पीटीआई एक्स पोस्ट)

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के चलते संसद के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारी संसद के काफी नजदीक पहुंच गए है जिसके बाद संसद के गेट बंद कर दिए गए और सुरक्षा बढ़ाई गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद के अंदर गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जाने की खबर भी सामने आई है। फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी है। यह बातचीत ही इस प्रदर्शन की भविष्य की दिशा तय करेगी।

संसद परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रदर्शनकारियों के संसद के नजदीक पहुंचने के बाद संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के कुछ गेट कुछ समय के लिए बंद किए गए थे, हालांकि बाद में उन्हें फिर खोल दिया गया। प्रदर्शन के कारण कई रास्तों पर यातायात भी प्रभावित रहा।

अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन

सरकार से बातचीत और संसद तक मार्च के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपना अनशन तोड़ दिया है। सीजेपी ने दावा किया कि अभिजीत ने अपनी भूख हड़ताल एक NEET छात्रा के पिता के अनुरोध पर खत्म की है, जिसने पेपर लीक के चलते अपनी जान दे दी थी। इसी बीच सीजेपी ने यह भी दावा किया कि बिना किसी आपात स्थिति के एक एंबुलेंस प्रदर्शन स्थल पर पहुंची, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती थी। सीजेपी ने कहा कि सरकार जंतर-मंतर पर हंगामा मचाने के लिए किस हद तक गिर गई है।

शशि थरूर ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल

सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो बल प्रयोग की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज अहिंसा नहीं बल्कि हिंसा का कार्य है। संसद में जारी गतिरोध पर थरूर ने कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होना लोकतंत्र की मूल भावना है और संसद जनता की आवाज उठाने का मंच है। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा से इनकार करने के कारण व्यवधान पैदा हुआ। थरूर ने कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच आपसी सहयोग तथा संवाद से ही संसद प्रभावी ढंग से चल सकती है।

Updated on:
20 Jul 2026 02:42 pm
Published on:
20 Jul 2026 01:30 pm