राष्ट्रीय

CJP Protest: इंडियन आर्मी ने पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का किया फैक्ट चेक, कहा- बदनाम करने के लिए फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो

CJP Parliament March: CJP के संसद मार्च के दौरान सोशल मीडिया पर सेना की तैनाती और प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के दावों को भारतीय सेना ने फर्जी बताया। सेना ने कहा कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस, CAPFs और RAF संभाल रहे हैं।
2 min read
• •
Updated: 20 Jul 2026, 7:53 PM IST
cjp protest
सेना ने फर्जी दावों का किया खंडन (फ़ोटो- X@Indian army fact check)

CJP Protest Indian Army Fact Check: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली और झूठी खबरें फैलाने की एक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। भारतीय सेना ने एक आधिकारिक फ़ैक्ट-चेक जारी करके कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इन हैंडल्स ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया था और सैनिकों ने उनके खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल किया। सेना ने इन दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया और कहा कि यह पाकिस्तानी दुष्प्रचार का हिस्सा था जिसका मकसद सेना की छवि खराब करना और जनता के बीच डर का माहौल बनाना था।

पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स फैला रहे थे ये झूठे दावे

भारतीय सेना के आधिकारिक फ़ैक्ट-चेक हैंडल के अनुसार, पाकिस्तान स्थित कई सोशल मीडिया अकाउंट्स झूठी जानकारी वाले गुमराह करने वाले वीडियो और पोस्ट शेयर कर रहे थे। इन पोस्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली के सेंट्रल लुटियंस इलाके और संसद भवन के आसपास हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण भारतीय सेना को तैनात किया गया था। आरोप लगाए गए कि सेना के जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर हथियार तान दिए और गोलीबारी की, जिससे मौतें हुईं और दर्जनों लोग घायल हुए। इसके साथ ही यह भी दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोध-प्रदर्शनों के डर से संसद से चले गए।

सेना की कोई तैनाती नहीं, दिल्ली पुलिस संभाल रही है कानून-व्यवस्था

इन सभी दावों का खंडन करते हुए, भारतीय सेना ने स्थिति स्पष्ट की और कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना के किसी भी जवान को तैनात नहीं किया गया है।

सेना ने कहा कि पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल्स झूठा दावा कर रहे हैं कि नई दिल्ली में भारतीय सेना को तैनात किया गया है और वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। यह दावा पूरी तरह से गलत है। विरोध-प्रदर्शनों को संभालने का काम पूरी तरह से दिल्ली पुलिस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज CAPF और रैपिड एक्शन फोर्स - RAF के जवान द्वारा किया जा रहा है। इन विरोध-प्रदर्शनों में सेना की कोई भूमिका नहीं है।

सेना ने जनता को आगाह किया कि यह दुष्प्रचार की एक जानी-पहचानी चाल है, जिसमें भ्रम फैलाने के लिए आम नागरिकों के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो के साथ सेना के बारे में मनगढ़ंत दावे जोड़े जाते हैं।

दिल्ली पुलिस की नागरिकों से अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता से संयम बरतने का आग्रह किया है। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। साथ ही नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म या सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली जानकारी, फ़ेक पोस्ट या अफवाहों पर न तो विश्वास करें और न ही उन्हें फैलाएं। केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

Updated on:
20 Jul 2026, 7:53 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Congress Rally: ’12 साल बाद भी 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं, महारैली पर ही याद आया सिखों का अपमान’, राजा वड़िंग ने बीजेपी पर साधा निशाना

INDIA गठबंधन की महारैली पर जेपी नड्डा ने साधा निशाना, राहुल गांधी की राजनीति के बताए चार चरण, विपक्ष से पूछे सवाल

INDIA ब्लॉक की रैली से पहले बढ़ी सियासी हलचल, मल्लिकार्जुन खरगे के घर पहुंचे अभिषेक बनर्जी

INDIA Alliance Rally: वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम हटाने पर भड़के शशि थरूर, बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

बिहार में BJP में शामिल हुए 2 निर्दलीय MLC पर RJD ने साधा निशाना, सदस्यता रद्द करने के लिए सभापति से लगाई गुहार