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CJP Protest: सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत, जंतर-मंतर से लेकर गए अस्पताल

CJP Protest: जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान आज 21वें दिन सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इसी बीच जंतर-मंतर पर माहौल बिगड़ने की खबरें भी सामने आ रही है। हाल ही में अभिजीत दीपके ने सोनम पर हमले का दावा भी किया था।
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Sonam Wangchuk hunger strike
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं (Photo-IANS)

CJP Protest: नई दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया। वह पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे और शुक्रवार को उनका अनशन 21वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही थी। पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर गए, हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल ले जाने की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

जंतर-मंतर पर मची अफरातफरी

इसी बीच जंतर-मंतर पर माहौल बिगड़ने की खबर भी सामने आई है। सोनम को अस्पताल ले जाने से पहले प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया जिसके बाद सुरक्षा के मध्यनजर मौके पर भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया। पुलिस सुरक्षा के साथ ही सोनम को भी अस्पताल ले जाया गया। बता दें कि 28 जून से सोनम जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था और अब कई सप्ताह से जारी है। एक दिन पहले जारी अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा था कि उनके शरीर का लगभग 20 प्रतिशत वजन कम हो चुका है, लेकिन वह अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

अभिजीत ने सोनम पर हमले का किया दावा

सोनम को अस्पताल ले जाने से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यहा दावा भी किया था कि जंतर-मंतर पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा सोनम वांगचुक पर हमला की कोशिश की गई। उनके अनुसार, किसी ने उनकी ओर एक वस्तु फेंकी, लेकिन वह सुरक्षित रहे। दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पहले ही जानकारी मिली थी कि प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि शुक्रवार को प्रदर्शन स्थल पर कई बार अव्यवस्था फैलाने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया। उनका कहना था कि लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिशों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, पुलिस ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वांगचुक ने अपने संदेश में लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित चलो संसद मार्च में शामिल होने की भी अपील की और कहा कि आंदोलन की ताकत जनता की भागीदारी से तय होगी।