
अभिजीत दीपके और राहुल गांधी(फोटो- एआई जनरेटेड)
CJP Protest: साल 2022 में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में निकली भारत जोडो यात्रा उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी। इस यात्रा का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में जनसंपर्क और राजनीतिक संवाद को मजबूत करना बताया गया था। कई सालों बाद राहुल गांधी की अगुवाई वाली यह यात्रा अब एक बार फिर से चर्चा में आ गई है और इसका कारण इससे जुड़ा एक चार साल पुराना पोस्ट है। यह पोस्ट कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया था। दीपके ने इस यात्रा पर टिप्पणी करते हुए इसे एक ट्रैवल व्लॉग बताया था।
दीपके ने 8 सितंबर 2022 को एक्स पर राहुल गांधी की भारत जोडो यात्रा को लेकर यह पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने एक पत्रकार की पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा था कि राहुल गांधी की भारत जोडो यात्रा आखिरकार एक ट्रैवल व्लॉग से ज्यादा कुछ नहीं बन पाएगी। हाल के दिनों में यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है क्योंकि एक तरफ जहां पहले दीपके खुद राहुल की आलोचना कर चुके है वहीं हाल ही में उन्होंने राहुल गांधी समेत अन्य कई विपक्षी नेताओ को दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचकर अपने आंदोलन का समर्थन देने का निमंत्रण दिया है। इसी विरोधाभास ने सोशल मीडिया पर नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है।
दीपके की पुरानी टिप्पणी वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा कि किसी की आलोचना करना आसान होता है, लेकिन वही परिस्थिति सामने आने पर नजरिया बदल सकता है। दूसरे यूजर ने कहा कि जब राहुल गांधी 3750 किलोमीटर की यात्रा कर रहे थे तब उनका मजाक उड़ाने वाले आज उनके समर्थन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। वहीं एक अन्य टिप्पणी में कहा गया कि यदि राहुल गांधी आंदोलन में शामिल नहीं होते हैं तो उसकी जिम्मेदारी उन पर डालना उचित नहीं होगा। इन प्रतिक्रियाओं ने पोस्ट को और अधिक चर्चा में ला दिया।
इस बीच राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन 26वें दिन में पहुंच गया है। दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन जारी है। पार्टी की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि वांगचुक बेहद कमजोर हैं और उन पर चौबीसों घंटे चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है। 20 जुलाई को प्रस्तावित चलो संसद मार्च से पहले सीजेपी ने एक दिन के सामूहिक अनशन का भी आह्वान किया है। इस बीच ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है, जबकि केजरीवाल के उनसे मुलाकात करने की भी जानकारी सामने आई है।
Updated on:
16 Jul 2026 10:43 am
Published on:
16 Jul 2026 10:16 am
