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Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक बोले- ‘मुझसे जल्द भूख हड़ताल खत्म करने को मत कहिए, इससे सरकार को गलत संदेश जाएगा’

Sonam Wangchuk fast: सोनम वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उपवास तोड़ने से सरकार को गलत संदेश जाएगा।
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Sonam Wangchuk on hunger strike.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक। (Photo- ANI)

Sonam Wangchuk indefinite hunger strike: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज गुरुवार को उनकी हड़ताल का 19वां दिन है। ऐसे में उनकी गिरती सेहत को देखते हुए सांसद शशि थरूर, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।

हालांकि, राजनीतिक नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उपवास तोड़ना गलत संदेश देगा।

वांगचुक ने कहा, 'अगर मैं खा लूं, तो क्या संदेश जाएगा? सरकार को संदेश जाएगा कि जवाबदेही की कोई जरूरत नहीं है। प्रदर्शनकारी बैठते हैं और चले जाते हैं…' उन्होंने यह भी पूछा कि अगर वह उपवास समाप्त कर दें तो क्या बदलेगा।

इसके बजाय उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को राजनीति विज्ञान और लोकतंत्र का एक वास्तविक पाठ पढ़ना चाहिए।

'हां कमजोरी तो है, लेकिन..'

अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन यानी बीते बुधवार देर रात साझा किए गए वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा, 'मुझे हजारों संदेश मिले हैं। लोग मुझसे उपवास तोड़ने के लिए कह रहे हैं। कई वरिष्ठ राजनेता भी मेरे पास आए। उन्होंने प्यार और चिंता के साथ मुझसे बात की।' उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो अदालत का रुख भी कर चुके हैं और उनसे खाना खाने के लिए निर्देश देने की मांग कर रहे हैं।

अपने स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए वांगचुक ने कहा, 'मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिनों में मर जाऊंगा। कई चिकित्सकीय जांचें की गई हैं। 18 दिनों के उपवास के हिसाब से उनके परिणाम काफी सामान्य हैं। ईसीजी भी कराया गया है। वह भी खराब नहीं है। मैं कई और दिनों तक जारी रख सकता हूं।' आगे उन्होंने यह भी कहा, 'हां, कमजोरी तो है। मेरी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, लेकिन मेरा दिल और शरीर का आंतरिक हिस्सा अभी भी ठीक है।'

'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अपील

भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करने के बजाय सोनम वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लोगों से अभियान की वेबसाइट या मिस्ड कॉल पहल के माध्यम से मार्च के लिए पंजीकरण करने की भी अपील की।

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