
संजय वर्मा, पूर्व राजदूत (फोटो-ANI)
Nijjar Killing : अमेरिकी जांच एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंश बिश्नोई पर हत्या के आरोप तय किए हैं। कोर्ट में दाखिल किए गए चार्जशीट में अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कहा कि कनाडा में हुए निज्जर हत्याकांड में भारत सरकार या किसी भी राजनयिक का हाथ नहीं था। इस पूरे मामले में भारतीय राजनयिकों को बेवजह निशाना बनाया गया था। अमेरिकी जांच एजेंसी की चार्जशीट सामने आने के कनाडा में भारत के पूर्व राजदूत रहे संजय वर्मा ने कहा कि अब जस्टिन ट्रूडो और कनाडा को माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल, राजनयिक संजय वर्मा को निज्जर हत्याकांड के बाद तत्कालीन कनाडा सरकार ने संदिग्धों की सूची में डाला था। इसके साथ ही, उन्हें अवांछित व्यक्ति घोषित करते हुए भारत वापस भेज दिया था। कनाडा की संसद में तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने हत्याकांड का आरोप भारतीय राजनयिकों पर लगाया था।
संजय वर्मा ने कहा कि कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को साल 2024 में भारत सरकार पर आरोप लगाने से पहले जांच पूरा होने का इंतजार करना चाहिए था। वर्मा ने कहा कि कोई परिपक्व नेता ऐसा ही करता है, लेकिन शायद उनके सलाहकारों ने उन्हें गुमराह कर दिया। वे बिना पक्के सबूत पर दूसरे देश की सरकार पर आरोप लगाने के लिए तैयार हो गए।
संजय वर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि पिछले तीन साल में कनाडा की तरफ से उनसे या किसी भी नामजद अधिकारी से कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ, जबकि वे ऐसी बातचीत का स्वागत करते। उन्होंने कहा कि इस विवाद ने न सिर्फ दोनों देशों के रिश्ते बिगाड़े बल्कि उन सभी राजनयिकों के परिवारों को भी परेशान किया जिन्हें कनाडा छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि ट्रूडो के बयान से उनकी इज्जत को नुकसान हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि यह कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन कम से कम माफी तो बनती है।
बीते हफ्ते अमेरिकी न्याय विभाग ने गुजरात की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया। यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के साझा अभियान का नतीजा थी, जिसमें तीन भारतीय अपराधी गिरोहों से जुड़े 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्मा बताते हैं कि जांच एजेंसियों ने साफ तौर पर गैर सरकारी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है, न कि भारत सरकार को।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की डिप्टी कमिश्नर लीजा मोरलैंड ने सीबीसी न्यूज से कहा कि इस संगठित अपराध जांच में कोई सबूत नहीं मिला जो भारत सरकार के किसी अधिकारी को इस मामले से जोड़ता हो। पुलिस ने यह भी साफ किया कि निज्जर की हत्या का मामला अलग जांच का हिस्सा है, जिसमें मई 2024 में चार लोगों को हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उन पर बीसी सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।
Updated on:
16 Jul 2026 09:38 am
Published on:
16 Jul 2026 09:10 am
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