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परिसीमन बिल पर क्या भाजपा का समर्थन करेगी शरद पवार की पार्टी? सुप्रिया सुले ने दिया बड़ा संकेत

Supriya Sule on Delimitation Bill: मानसून सत्र से पहले संसद में बीजेपी दो तिहाई बहुमत जुटाने की पूरी कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने बड़ा बयान दिया है। पढ़ें पूरी खबर...
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Supriya Sule denied any NCP (SP)–Congress merger talks.

NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले (Photo/ANI)

Delimitation Bill: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। मोदी सरकार परिसीमन विधेयक (डिलिमिटेशन बिल) को फिर से लाने की तैयारी में है। अप्रैल के विशेष सत्र के दौरान यह बिल निचले सदन में दो तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण गिर गया था। अब सरकार दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंचती दिख रही है। नंबर गेम की वजह से NCP (SP) के 8 सांसद व 10 विधायक होने की वजह से वह सौदेबाजी की ताकत बन गए हैं।

'अगर मोदी सरकार 50 फीसदी की बढ़ोतरी करती है तो हम साथ'

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर केंद्र सरकार सीटों में 50% की बढ़ोतरी करके परिसीमन बिल में संशोधन करती है, तो हम उसका समर्थन करेंगे। मैं कोई नई बात नहीं कह रही हूं। हमने हमेशा कहा है कि अगर ये संशोधन किए जाते हैं तो हम बिल का समर्थन करेंगे। हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं है।

अपने इस बयान के कुछ ही देर बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें अभी तक परिसीमन पर कोई बिल नहीं मिला है। पहले जब बिल लाया गया था, तो विपक्ष ने सीटों को 50 प्रतिशत बढ़ाने का संशोधन प्रस्तावित किया था। जब भी बिल हमारे सामने पेश किया जाएगा, हम INDIA ब्लॉक की पार्टियों के साथ इस पर चर्चा करेंगे। हम मिलकर फैसला लेंगे। यह जरूरी है कि परिसीमन का फॉर्मूला भी हमारे सामने रखा जाए और हमें बताया जाए कि नई सीमाबंदी कैसे की जाएगी।

इसके बाद परिसीमन के मुद्दे पर X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर NCP(SP) के रुख को लेकर मीडिया के कुछ हिस्सों में हालिया खबरें गलत और अटकलों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कगि संवैधानिक महत्व के हर मुद्दे की तरह हमारी पार्टी का रुख पार्टी के भीतर और हमारे सहयोगियों इंडिया गठबंधन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद तय होता है, अभी तक सरकार ने इसके ब्यौरे पेश नहीं किए हैं, तो इस पर अटकल लगाना जल्दबाजी होगी।

जयंत पाटिल के फडणवीस से मुलाकात पर क्या बोलीं सुले

मंगलवार रात खबर सामने आई कि एनसीपी (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उसी रात एनसीपी (अजित गुट) के दो बड़े नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी अलग से फडणवीस से मिले। इन मुलाकातों ने राजनीतिक गलियारों में विलय की अटकलों को हवा दे दी, लेकिन जयंत पाटिल ने इन दावों को खारिज किया। जयंत ने कहा कि वे इस्लामपुर नगर परिषद के अध्यक्ष को अयोग्य ठहराए जाने के मामले पर सीएम देवेंद्र से बात करने गए थे। तटकरे और पटेल से मुलाकात या किसी विलय की बातचीत से उन्होंने साफ इनकार किया। सुप्रिया सुले ने भी कहा कि काम के सिलसिले में सीएम से मिलना कोई गलत बात नहीं है। जब मैं लखनऊ में थी तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।