
केदारनाथ धाम (File Photo - IANS)
Kedarnath Yatra: केदारनाथ यात्रा के दौरान उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बारिश के कारण कई स्थानों पर फिसलन, भूस्खलन और रास्तों में बाधाएं देखने को मिल रही हैं। इसी बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड के पास एक 25 वर्षीय युवक गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला आपदा प्रतिवादन बल (DDRF) और अन्य बचाव दलों ने आधी रात को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए गौरीकुंड भेजा गया।
रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड के पास केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 25 वर्षीय मोहित रावत अचानक गहरी खाई में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला आपदा प्रतिवादन बल (DDRF) और अन्य बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अंधेरा और खराब मौसम के बावजूद बचाव दल ने देर रात तक अभियान जारी रखा। कठिन परिस्थितियों में रस्सियों और विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद घायल मोहित रावत को तुरंत गौरीकुंड पहुंचाकर चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। समय पर शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण उसकी जान बचाई जा सकी।
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। प्रतिदिन छह हजार से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं, जबकि इस यात्रा सत्र में केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 14 लाख से अधिक हो चुकी है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें बंद होने, पैदल मार्ग फिसलन भरे होने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी गढ़वाल समेत कई पर्वतीय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन लगातार यात्रियों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।
प्रशासन के अनुसार बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और स्थानीय प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने, नदी नालों और झरनों के पास नहीं जाने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और हार्ट अटैक के मामले भी सामने आए हैं, जिनमें कई श्रद्धालुओं को समय रहते बचाकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान अतिरिक्त सतर्कता ही सुरक्षित यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
Updated on:
16 Jul 2026 07:27 am
Published on:
16 Jul 2026 06:52 am
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