
CJP Protest: NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं और छात्रों के लिए भोजन, पीने के पानी और जरूरी सामान की सप्लाई रोक रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे दिल्ली पुलिस मुख्यालय का घेराव करेंगे।
जंतर-मंतर पर मीडिया से बात करते हुए CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने पुलिस और प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में, जो युवा अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर तैनात सुरक्षा बल भोजन लाने वाले स्वयंसेवकों और जरूरी दवाएं ले जाने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से रोक रहे हैं।
सौरभ दास ने कहा कि भोजन और पानी की सप्लाई रोकी जा रही है। क्या दिल्ली पुलिस लोगों को भोजन और पानी से वंचित करने की कोशिश कर रही है? दिल्ली पुलिस को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। युवाओं की जायज़ मांगों को सुनने के बजाय, प्रशासन यहां तरह-तरह की रुकावटें और बाधाएं पैदा कर रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
सौरभ दास ने कहा कि इंटरनेट बंद कर दिया गया, मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और उन पर अखबार चिपका दिए गए। ये बहुत बचकाने काम हैं। प्रशासन को इस तरह से काम नहीं करना चाहिए। लोग अभी भी यहां हजारों की संख्या में जमा हो रहे हैं, इसलिए इन उपायों का कोई फायदा नहीं है। लोगों की आवाजाही और खाने-पीने की चीज़ों तक उनकी पहुंच को रोकना असंवैधानिक है।
प्रशासन को चेतावनी देते हुए CJP प्रवक्ता ने कहा कि अगर युवाओं को परेशान करना, रास्तों में रुकावट डालना और प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेना तुरंत बंद नहीं हुआ, तो आंदोलनकारी और कड़ा रुख अपनाएंगे। चेतावनी देते हुए सौरभ दास ने कहा कि उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति बनी रही और उनके युवाओं को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेना बंद नहीं हुआ, तो वे दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे और वहां शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।