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जलवायु परिवर्तन से पौधों पर बड़ा संकट, दुनिया की 16% प्रजातियां खो सकती हैं अपना प्राकृतिक क्षेत्र

Climate Change Impact: जलवायु परिवर्तन के कारण इस सदी के अंत तक दुनिया की 16% पौध प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। पढ़ें वैज्ञानिकों की चेतावनी।

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May 26, 2026
Climate Change Impact on Plants (AI Image)

Climate Change Impact on Plants: बढ़ता तापमान सिर्फ इंसानों और जानवरों के लिए ही नहीं, पेड़-पौधों के अस्तित्व पर भी बड़ा खतरा बन रहा है। हाल में किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन की रफ्तार इसी तरह रही, तो सदी के अंत तक हजारों पौध प्रजातियां अपने प्राकृतिक आवास का बड़ा हिस्सा खो सकती हैं।

कई प्रजातियों पर विलुप्त होने भी हो सकती हैं। पौध विविधता में गिरावट आने से सीधा असर लोगों के जीवन और ग्लोबल वार्मिंग दोनों पर पड़ेगा। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में प्रोफेसर शियाओली डोंग के नेतृत्व में किया गया।

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संवहनी पौधों के आधार पर किया अध्ययन

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में 67,000 से अधिक संवहनी पौधों की प्रजातियों को शामिल किया, जो कुल ज्ञात संवहनी पौधों का लगभग 18% हैं। इतने बड़े डेटा के आधार पर यह समझने की कोशिश की कि जलवायु परिवर्तन और अन्य पर्यावरणीय बदलावों से इन पौधों के रहने के क्षेत्र भविष्य में कैसे बदल सकते हैं। कौन-सी प्रजातियां कहां कम हो सकती हैं।

16 प्रतिशत तक प्रजातियां खो सकती है प्राकृतिक क्षेत्र

अध्ययन में सामने आया कि 7 से 16 प्रतिशत तक पौध प्रजातियां वर्ष 2100 तक अपने 90 प्रतिशत से ज्यादा प्राकृतिक क्षेत्र को खो सकती हैं, जिससे वे विलुप्त होने के उच्च जोखिम में आ सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों पर असर अलग होगा। जैसे आर्कटिक जैसे ठंडे क्षेत्रों में ठंडे वातावरण का क्षेत्र सिकुड़ने से वहां के पौधों को नुकसान होगा।

सूखे क्षेत्रों जैसे पश्चिमी अमेरिका और भूमध्यसागरीय इलाकों में सूखा, कम नमी और जंगलों में आग की बढ़ती घटनाएं पौधों के लिए खतरा बढ़ाएंगी। ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाकों में भौगोलिक सीमा के कारण पौधों का ठंडी दिशा में फैलना मुश्किल होगा।

केवल जमीन नहीं है, पौधों का जीवन

वैज्ञानिकों के अनुसार पौधों का आवास केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं होता, बल्कि तापमान, बारिश, मिट्टी, नमी, छाया और पर्यावरणीय संतुलन जैसी कई परिस्थितियां मिल कर उन्हें संतुलित जीवन प्रदान करती हैं।

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Published on:
26 May 2026 04:46 am
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