
AIADMK Political Crisis (AI Image)
AIADMK Political Crisis: एआईएडीएमके में बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। पार्टी के सी.वी. षणमुगम गुट के तीन विधायकों ने सोमवार को इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ टीवीके का दामन थाम लिया। वहीं, इसी गुट के पांच अन्य विधायक फिर से महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी के समर्थन में आ गए। मदुरांतकम विधायक के. मरगथम, धारापुरम विधायक पी. सत्यभामा और पेरुंदुरै विधायक एस. जयकुमार ने स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को विधायक पद से इस्तीफा सौंपा।
इसके बाद तीनों ने सचिवालय में मंत्री आधव अर्जुन की मौजूदगी में टीवीके की सदस्यता ली। यह घटनाक्रम दोनों गुटों के एकीकरण की कोशिशों के बीच हुआ। विधानसभा चुनाव में हार के बाद एआईएडीएमके दो गुटों- षणमुगम-वेलुमणि और पलनीस्वामी- में बंट गई थी। षणमुगम गुट ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार का समर्थन किया था, जबकि पलनीस्वामी गुट ने विरोध किया। दोनों गुटों ने विधानसभा में असली एआईएडीएमके के तौर पर मान्यता मांगी थी।
षणमुगम गुट को उम्मीद थी कि टीवीके कैबिनेट में उन्हें जगह मिलेगी, पर कोई प्रस्ताव नहीं आने से असंतोष बढ़ा। इसी बीच पांच विधायकों- अंथियूर हरिभास्कर, आरकॉट एस.एम. सुकुमार, शंकरनकोइल के दिलीपन जयशंकर, कांगयम के एन.एस. नटराजन और पनरुटी के मोहन- ने पलनीस्वामी के ग्रीनवेज रोड निवास पर मुलाकात कर समर्थन दिया। इससे पलनीस्वामी गुट की संख्या 22 से बढ़कर 27 हो गई, वहीं षणमुगम गुट की ताकत घटी। इन विधायकों ने स्पीकर को पत्र देकर अपने पुराने वोट पर पुनर्विचार का अनुरोध किया।
इसी दौरान षणमुगम गुट के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री के.पी. अन्बलगन और सी. विजयभास्कर ने विधानसभा परिसर में स्पीकर से मिलकर असली एआईएडीएमके मान्यता की मांग दोहराई। स्पीकर प्रभाकर ने कहा कि संबंधित याचिकाओं पर विचार जारी है और उचित समय पर फैसला सुनाया जाएगा।
तमिलनाडु विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 234 है, जिसमें बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। तीन एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे के बाद सदन की प्रभावी संख्या घटकर 231 रह गई है, जिससे बहुमत का आंकड़ा 116 हो गया है। इस बदलाव से टीवीके सरकार की स्थिरता पर फिलहाल बड़ा असर नहीं पड़ता, क्योंकि उसके पास अभी भी बहुमत से अधिक विधायकों का समर्थन है।
ओडिशा से बीजू जनता दल के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंत राय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। इससे राज्यसभा में बीजद सांसदों की संख्या पांच हो गई है। बीजद के दो सांसद पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। देबाशीष सामंत राय ने भाजपा में शामिल होने के संकेत दिए हैं।
Published on:
26 May 2026 03:23 am
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